
superstitions in bhilwara
भीलवाड़ा।
अंधविश्वास के नाम पर एक साल के मासूम को गर्म तार से दाग दिया गया। हालत बिगडऩे पर रविवार रात उसे मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। उसकी हालत गम्भीर है। परिजनों का कहना है कि निमोनिया होने पर गांव के ही एक व्यक्ति ने बालक को डाम लगाया था। पुलिस के डर के चलते परिजन देर रात तक डाम लगाने वाले का नाम नहीं बता रहे थे।
जानकारी के अनुसार चित्तौडग़ढ़ जिले के कुरपापुर निवासी रंगलाल भील के एक साल के पुत्र राकेश को तीन दिन से जुकाम और निमोनिया था। चिकित्सक को दिखाने के बजाए गांव के एक व्यक्ति ने गर्म तार से बच्चे के पेट पर डाम लगा दिया। बालक के पेट पर जलने के निशान हो गए व हालत बिगड़ गई। रात में भीलवाड़ा लाकर मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में भर्ती कराया। उसका उपचार चल रहा है।
एक माह में तीसरी घटना
डाम लगाने की एक माह में यह तीसरी घटना है। इससे पहले १९ सितम्बर को बिजौलियां क्षेत्र के चिताबड़ा निवासी गिरधारी कंजर की 45 दिन की बेटी आंचल के गर्म चिमटे से पेट पर डाम लगा दिया गया था। बिजौलियां थाना पुलिस ने गांव के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। २१ सितम्बर को कोदूकोटा निवासी जगदीश मीणा की तीन माह की पुत्री गुंजन को निमोनिया होने पर मां ने गर्म ब्लैड से दाग दिया था। मां के खिलाफ सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
तीन की जा चुकी है जान
पिछले डेढ़ साल में जिले में डाम लगाने के एक दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। तीन बच्चों की मौत हो गई। परिजनों के खिलाफ मामला भी थाने पर दर्ज कराया गया। कई मामलों में गिरफ्तारी हुई। इसके बावजूद यह सिलसिला नहीं थम रहा। ग्रामीण सर्दी-जकुाम होने पर बच्चों को चिकित्सक को नहीं दिखाते, बल्कि अंधविश्वास में रहकर डाम लगाने की घटना को अंजाम देते हैं।
Published on:
22 Oct 2018 01:48 am
