
Teachers must give affidavit tuition in bhilwara
भीलवाड़ा।
शिक्षा विभाग निजी कोचिंग या घर पर ट्यूशन पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों पर शिकंजा कसने जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा के निदेशक ने इस बारे में निर्देश जारी किए। नए सत्र से विषयाध्यापकों को ट्यूशन नहीं लेने का शपथ पत्र संस्था प्रधान को देना होगा। अधिकतर भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, लेखाशास्त्र व अंग्रेजी जैसी विषयों में ट्यूशन की प्रवृति रहती है। इनका वक्त पर पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए संस्था प्रधान को विद्यार्थी व अभिभावकों से संपर्क करना होगा। अध्यापकों संस्था प्रधान को प्रतिमाह पाठ्यक्रम की रिपोर्ट लिखित में देनी होगी।
इसके बाद कोचिंग केंद्र चलाने या घर पर बिना अनुमति ट्यूशन पढ़ाने की शिकायत मिली तो संस्था प्रधान लिखित में चेतावनी देकर अध्यापक को पाबंद करेंगे। फिर शिक्षक ट्यूशन पढ़ाने से बाज नहीं आया तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग के नियम है कि शिक्षकों को ट्यूशन पढ़ाने की अनुमति देने का अधिकार संबंधित संस्था प्रधान को होगा। 8वीं तक के लिए तीन तथा 9वीं से 12वीं के लिए दो विद्यार्थी से अधिक की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गांवों में हालत खराब
ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा हालत खराब है। कई सरकारी शिक्षक कोचिंग व घर पर ही ट्यूशन पढ़ा रहे हैं। कई शिक्षक पदस्थापित गांव में है पर कस्बे या शहर में किराए के घर लेकर ट्यूशन पढ़ा रहे है। एेसे शिक्षक रसूख का फायदा उठा ट्यूशन लेने के लिए समय से पूर्व स्कूल भी छोड़ देते हैं। इन पर कार्रवाई से संस्था प्रधान भी कतराते हैं।
शिकायत पर कार्रवाई
सरकारी शिक्षकों को बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना अनुचित है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के निर्देशों के अनुरूप सत्र प्रारंभ में ही विषय अध्यापकों से शपथ पत्र लेंगे। उसके बाद किसी के ट्यूशन पढ़ाने की शिकायत मिली तो कार्रवाई करेंगे।
अरुण कुमार दशोरा, डीईओ माध्यमिक (द्वितीय) भीलवाड़ा
प्रशिक्षण शिविर का अंतिम दौर आज से
भीलवाड़ा. शिक्षकों का ब्लॉक स्तरीय ६ दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का अंतिम चरण सोमवार से शुरू होगा। 16 जून तक सुबह 7 से 8 व शाम 8 से 9 बजे बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कर सूचना मुख्यालय को दी जाएगी। सरकारी स्कूलों में पांचवीं तक पढ़ाने वाले जिले के 6,016 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें सैकंडरी के 1,363 तथा प्रारंभिक के 4,653 शिक्षक शामिल है। प्रथम चरण में 1,640 में से 1,547, दूसरे में 1,522 में से 1,445 तथा तीसरे में 1,378 में से 1,282 शिक्षक प्रशिक्षण से वंचित रहे। अब तक 4,540 में से 266 शिक्षकों ने शिविरों से दूरी बनाई। तीनों चरणों में अनुपस्थित शिक्षक चौथे चरण में भाग ले सकेंगे। इसके बाद भी अनुपस्थित रहे तो कार्रवाई की जाएगी। एसएसए-रमसा के एडीपीसी योगेश पारीक ने कहा, प्रशिक्षण हर चयनित शिक्षक के लिए जरूरी है। गैर हाजिर शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी। वेतन वृद्धि रोक दी जाएगी।
Published on:
11 Jun 2018 12:37 pm
