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आंखों में आंसू, दिल में प्यार…सलाखों के पीछे भाई को दुलार

- जिला कारागार में मनाया रक्षाबंधन पर्व, बंदी भाइयों से मिलने की विशेष व्यवस्था - रक्षा सूत्र बांध बहनों ने बंदियों का मुंह मीठा कराया

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Tears in the eyes, love in the heart...caressing the brother behind bars

Tears in the eyes, love in the heart...caressing the brother behind bars

भीलवाड़ा जिला कारागार परिसर का माहौल शनिवार को मार्मिक था। रक्षाबंधन पर बंदी भाइयों की उनकी बहनों ने कलाई सजाई व दुलार किया। बहनें सज-धजकर हाथों में राखियां और मिठाई लेकर जेल पहुंची। बहनों के प्यार का सम्मान करते हुए जेल प्रशासन ने बंदी भाइयों से मिलने की विशेष व्यवस्था की। सामने भाई को देख इंतजार में बैठी कई बहनों का राखी बांधते ही सब्र का बांध टूट गया। आंखों में आंसूओं का सैलाब उमड़ पड़ा। जैसे-तैसे भाई को राखी बांध उसका मुंह मीठा कराया। दोनों हाथों से लाड किया। इस दौरान आंखों से आंसू छलकने पर वहां मौजूद महिला आरक्षी ने बहनों को शांत किया। कई बहनें राखी बांधने के बाद शांत रही। बाहर निकलते ही आंखों से अश्रुधारा बह निकली।

आमने-सामने मुलाकात, तलाशी के बाद प्रवेश

बहनों के जेल पहुंचने पर पहले बंदी भाई से हवालात के बीच मुलाकात कराई गई। कुछ देर वार्ता के बाद जेल प्रशासन ने राखी बांधने के लिए जेल अधीक्षक कार्यालय में विशेष प्रबंध किया था। वहां पहुंचने पर पहले बहन की महिला आरक्षी ने तलाशी ली। उसके बाद बंदी भाई को राखी बांधी गई। राखी बांधने के बाद भाई की दोबारा से तलाशी लेकर बैरक में दाखिला कराया। बड़ी संया में महिलाएं बंदी भाई से मिलने जेल पहुंची। शाम तक मिलने का दौर चला। उधर, जेल में बंद महिला बंदी को भी उनके भाइयों से मिलाया गया।