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मूंग को सरकारी खरीद का इंतजार, किसान कम भाव पर बेचने को मजबूर

लेटलतीफी: पंजीयन प्रक्रिया भी शुरू नहीं की
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मूंग को सरकारी खरीद का इंतजार, किसान कम भाव पर बेचने को मजबूर

मूंग को सरकारी खरीद का इंतजार, किसान कम भाव पर बेचने को मजबूर

भीलवाड़ा. जिले में खरीफ की अगेती बुआई होने से करीब एक महीने पहले मूंग की कटाई शुरू हो गई। मूंग मंडी भी पहुंचने लगा। शुरू में भाव भी अच्छे मिले। भीलवाड़ा मंडी में 9 हजार रुपए प्रति क्विंटल से अधिक मूंग बिके, लेकिन धीरे-धीरे आवक बढ़ी तो भाव गिरने लगे। हालात यह कि मूंग का अधिकतम भाव समर्थन मूल्य के आसपास रहता है, जबकि नीचे में सात हजार रुपए प्रति क्विंटल तक बेचना पड़ रहा है। समर्थन मूल्य 8558 रुपए प्रति क्विंटल है जबकि मंडी में मूंग 7000 से 8000 क्विंटल के भाव चल रहे हैं।

अक्टूबर शुरू होने के बावजूद सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंग की खरीद की पंजीयन प्रक्रिया शुरू नहीं की। मंडी में किसानों ने अपनी पीड़ा यों जताई-सरकार खरीद नहीं कर रही है। इसलिए व्यापारियों ने भाव गिरा दिए। सरकार खरीद शुरू कर दे तो भाव बढ़ जाएंगे। इस बार जिले की कई तहसीलों में अगस्त व सितंबर में बारिश नहीं होने से मूंग का उत्पादन प्रभावित हुआ। 15 सितम्बर के बाद बारिश से पकी फसल खराब हो गई। ऐसे में काफी मूंग दागी हुआ है। इसे देखते ही व्यापारी भाव गिरा देते हैं।
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अधिकारियों ने भेजे आंकड़े

कृषि विभाग एवं सहकारी समितियों ने जिले में मूंग उत्पादन के अनुमानित आंकड़े सरकार को भेजे हैं, ताकि खरीद का लक्ष्य दिया जा सके, लेकिन सरकार ने अब तक कार्रवाई शुरू नहीं की। इससे लग रहा है कि खरीद शुरू होने में यह महीना बीत जाएगा।

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व्यापारी लगाते हैं मनमर्जी के भाव

सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से मंडी में व्यापारी मनमर्जी के भाव लगाते हैं। रबी की बुआई व पुराना खाद-बीज के भुगतान के लिए सामान्य किसानों को कम भाव में माल बेचना पड़ता है। यदि सरकार समर्थन मूल्य पर खरीद करे तो व्यापारी भी समर्थन मूल्य से नीचे नहीं खरीदेंगे।

बालूलाल, किसान

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अभी आदेश नहीं आए

मूंग व उड़द की समर्थन मू्ल्य पर खरीद के कोई आदेश नहीं है। अभी मूंग 8558 रुपए तथा उड़द 6950 बताए जा रहे हैं, लेकिन अधिकृत समर्थन मूल्य के आदेश नहीं आए हैं।
अरविन्द ओझा, अतिरिक्त रजिस्ट्रार, भीलवाड़ा

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