
Weather smashed back by three years in bhilwara
भीलवाड़ा
जिले में मनरेगा में मजदूरों को सौ दिन काम मुहैया कराना अभी दूर की कौड़ी है। जहां योजना में प्रति वर्ष जिले में लाखों श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है, वहीं सौ दिन का रोजगार पाने वाले मजदूरों की संख्या गिनती की है। कुछ सौ परिवारों को ही वर्ष भर में सौ दिन की मजदूरी मिल पाती है। तीन वर्षो से मौसम की मार के चलते फसलों में खराबे ने किसानों व मजदूरों की कमर तोड़कर रख दी हैं। ऐसे में सरकार की मनरेगा योजना से ग्रामीणों की आस बढ़ गई हैं लेकिन परिवारों को सौ दिन की मजदूरी नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसान व मजदूरी करने वाले परिवारों का कहना है कि खेती नहीं होने से किसानों व मजदूरों के परिवारों के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में यदि मनरेगा में उनके परिवारों को सौ दिन का रोजगार मिल जाएं तो उन्हें ऐसे समय में अच्छा काम मिल जाएगा। मनरेगा योजना में 25 से 30 दिन का ही रोजगार मिल पाता है।
जिले में सौ दिनों की स्थिति
ब्लॉक परिवार दिवस
बिजौलिया 251 25100
आसीन्द 1702 170200
कोटड़ी 130 13000
जहाजपुर 33 3300
बनेड़ा 128 12800
माण्डल 36 3600
माण्डलगढ़ 483 48300
रायपुर 850 85000
शाहपुरा 367 36700
सुवाणा 246 24600
सहाड़ा 541 54100
हुरड़ा 70 7000
कुल 4837 483700
एलईडी बल्ब लगा बिजली बचत की दी जानकारी
उजाला योजना के तहत ग्राम पंचायत गाडरमाला की कालबेलिया बस्ती नोंगांवा व धूलखेड़ा में सहायक अभियन्ता ग्रामीण द्वितीय कार्यालय के अधीन फिलामेन्ट बल्ब हटाकर ९ वॉट के एलईडी बल्ब लगाए गए। जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजेन्द्र सिंह राठौड़, विद्युत निगम के अधीक्षण अभियन्ता केएस सिसोदिया, सहायक अभियन्ता धर्मसिंह बैरवा, कारोही थानाप्रभारी रामकिशन गोदरा व पंचायत समिति सदस्य बद्रीलाल जाट की मौजूदगी में बल्ब भी वितरित किए गए। ग्रामीणों को बिजली की बचत के बारे में भी बताया गया।
Published on:
15 May 2018 03:25 pm
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