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नपा में करोड़ों रुपए के कार्यों की जांच के लिए पहुंची एसआईटी

भोपाल से आए दल ने मौका मुआयना किया, नपा अधिकारियों से मांगे दस्तावेज
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भिंड

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Vikash Tripathi

Feb 16, 2024

नपा में करोड़ों रुपए के कार्यों की जांच के लिए पहुंची एसआईटी

नपा में करोड़ों रुपए के कार्यों की जांच के लिए पहुंची एसआईटी

भिण्ड. एक-एक लाख रुपए की फाइलें बनाकर 35 करोड़ रुपए से ज्यादा के कार्य कागजों में कराने के मामले की जांच के लिए भोपाल से संयुक्त दल शुक्रवार को भिण्ड पहुंचा। दल ने नगरपालिका के उपयंत्री व अन्य अमले के साथ वार्ड सात एवं 11 में कुछ सडक़ों का मौका मुआयना किया है। फाइलों की स्वीकृति तो नियमों से ज्यादा हुई हैं, लेकिन मौके पर काम की जांच अभिलेख से की जाएगी। जरूरत पडऩे पर चलित लैब भी बुलवाई जाएगी।
सीएमओ अवकाश पर
जांच दल ने नगरपालिका से एक लाख रुपए से कम के स्वीकृत और कराए गए समस्त निर्माण कार्यों की फाइलें मांगी हैं, लेकिन अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। सीएमओ कई दिनों से अवकाश पर हैं, ऐसे में प्रभारी सीएमओ अमित शर्मा, निर्माण उपयंत्री विकास महतो सहित अन्य अधिकारी जांच के दौरान मौके पर पहुंचे और दल के साथ रहे। दल के मुखिया अधीक्षण यंत्री जेपी पारा ने बताया कि विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से यह मामला उठाया गया था, जिस पर जांच दल गठित किया गया है। इन कार्यों में डब्ल्यूबीएम, सीसी, बाउंड्रीवाल, स्लैब आदि के कार्य शामिल हैं। यह फाइलें एक लाख रुपए से कम राशि की हैं। कार्यों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा, अभी तो अभिलेख मांगा है, अभिलेख मिलने के बाद मिलान किया जाएगा। एमबी से भी जाचेंगे, जरूरी होगी तो लैब भी बुलाई जाएगी।
ढाई सौ से ज्यादा फाइलें नहीं बन सकतीं अधीक्षण यंत्री पारा के अनुसार तीन से चार फाइलें बनाई जा सकती हैं। चार फाइल भी एक माह में मान ली जाएं तो एक साल में 48 फाइलें ही बन सकती हैं। पांच साल में 240 फाइलें ही इस प्रकार बन सकती हैं।

जांच दल में यह अधिकारी शामिल
जांच दल संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासप एवं विकास ग्वालियर सविता प्रधान, अधीक्षण् यंत्री जगदीश प्रसाद पारा, कार्यपालन यंत्री पीके द्विवेदी एवं राजीव पांडे को शामिल कर बनाया गया है। जांच दल को 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है, लेकिन फाइलों की संख्या अधिक देखते हुए जांच पूरी होने में एक माह से अधिक का समय भी लग सकता है। जांच की स्थिति नगरपालिका से अभिलेख उपलब्ध कराने पर निर्भर रहेगी। नगरपालिका के अधिकारी अभिलेख उपलब्ध कराने मेंं टालमटोल कर रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि अभिलेख नगरपालिका में पूरा उपलब्ध भी नहीं है। जिन ठेकेदारों ने कार्य कराए वे अपनी फाइलें साथ में ही ले गए।

विधानसभा प्रश्न के तारतम्य में चार सदस्यीय जांच दल गठित किया गया है। जांच के लिए यह पहला निरीक्षण है, मौके पर कुछ कार्य देखे हैं। संबंधित अभिलेख मांगा है, उससे मिलान किया जाएगा। आवश्यक होने पर चलित लैब भी लाएंगे। कार्यों में भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं यह तो पूरी जांच के बाद ही सामने आएगा। फाइलें तो नियम विरुद्ध स्वीकृत हुई हैं।
जगदीश पारा, एसई, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, ग्वालियर।