21 सितंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भिवाड़ी: वेतन वृद्धि और सुविधाओं को लेकर टायर कंपनी के बाहर श्रमिकों का उबाल, आंदोलन तेज

Factory Strike News: भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र में कई औद्योगिक इकाइयों के बाहर श्रमिकों ने धरना प्रदर्शन किया। सभी जगह श्रमिकों ने वेतन वृद्धि के साथ अन्य सुविधाओं को देने की मांग रखी।
2 min read
Google source verification
भिवाड़ी में फैक्टरी श्रमिकों का आंदोलन जारी, पत्रिका फोटो

भिवाड़ी में फैक्टरी श्रमिकों का आंदोलन जारी, पत्रिका फोटो

Factory Strike News: भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र में कई औद्योगिक इकाइयों के बाहर श्रमिकों ने धरना प्रदर्शन किया। सभी जगह श्रमिकों ने वेतन वृद्धि के साथ अन्य सुविधाओं को देने की मांग रखी। एक टायर कंपनी के श्रमिकों ने कहा कि कंपनी प्रबंधन से पूर्व में भी कई बार वेतन वृद्धि, ओवरटाइम, कैंटीन, बस सेवा सहित अन्य सुविधाओं को देने की मांग रखी है लेकिन प्रबंधन हमेशा उनकी मांगों को अनसुना कर देता है, जिसकी वजह से धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

एक फैक्टरी में बनी सहमति

मटीला स्थित एक अन्य फैक्टरी में श्रमिकों ने प्रदर्शन किया, प्रबंधन और श्रमिकों के बीच वार्ता हुई, जिसमें दोनों पक्ष के बीच सहमति हो गई। फूलबाग स्थित चॉकलेट निर्माण कंपनी में भी श्रमिकों ने प्रदर्शन किया, प्रबंधन ने 10 दिन का समय मांगा।

चौपानकी स्थित एक पेय पदार्थ निर्माता कंपनी में सुबह श्रमिकों ने मुख्य गेट के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कंपनी प्रबंधन ने श्रमिकों से कई बार वार्ता की लेकिन हर बार विफलता मिली। प्रबंधन ने काम पर वापस लौटने और मांग पूरा करने के लिए 25 अप्रेल तक का समय मांगा लेकिन श्रमिकों ने इंकार कर दिया।

टायर कंपनी के श्रमिक हुए उग्र

चौपानकी स्थित एक टायर निर्माण कंपनी में भी श्रमिकों ने धरना प्रदर्शन किया। श्रमिकों का आरोप है कि 8 घंटे के वेतन में 12 घंटे काम कराया जाता है। कैंटीन सहित अन्य सुविधाएं नहीं दी जाती। कंपनी प्रबंधन ने श्रमिकों के धरने का हटाने के लिए बैरिकेडिंग कर दी।

टायर कंपनी में मजदूरों और प्रबंधन के बीच चल रहा टकराव बेनतीजा रहा है। वेतन वृद्धि और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा है। मंगलवार को कंपनी प्रबंधन ने धरने पर बैठे मजदूरों को रोकने के लिए गेट पर ही बैरिकेडिंग कर दी जिसके बाद मजदूर आक्रोशित हो गए। मजदूरों ने प्रबंधन पर उनकी जायज मांगों को पूरा करने की बजाय पुलिस के दम पर उन्हें दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

मांग पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा धरना

धरने पर बैठे मजदूरों ने घोषणा की है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में उचित वेतन वृद्धि के साथ-साथ कार्यस्थल पर शौचालय, परिवहन और बेहतर कार्य परिस्थितियों जैसी मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं. मजदूरों का कहना है कि कंपनी उनसे कड़ी मेहनत कराती है, लेकिन जब सुविधाओं और वेतन की बारी आती है, तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। मंगलवार को कंपनी ने उन्हें जबरन गेट से दूर हटाने के प्रयासों ने आग में घी डालने का काम किया है।

पुलिस छावनी बना चोपनकी औद्योगिक क्षेत्र

मजदूरों के बढ़ते आक्रोश और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। चोपनकी क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस अधिकारी लगातार दोनों पक्षों के संपर्क में हैं, लेकिन फिलहाल कंपनी प्रबंधन और मजदूर यूनियन के बीच कोई बीच का रास्ता नहीं निकल पाया है।

प्रबंधन नहीं चाहता समाधान

टायर कंपनी के मजदूरों का आरोप है कि प्रबंधन उनकी मांगें सुनने को तैयार नहीं है। प्रबंधन द्वारा गेट के सामने बैरिकेडिंग करने और उन्हें वहां से हटने के लिए दबाव बनाने से मजदूरों में भारी नाराजगी है। भिवाड़ी का यह औद्योगिक क्षेत्र पूरी तरह से अलर्ट पर है और आसपास की अन्य कंपनियों के श्रमिक भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। जल्द ही मांगों को लेकर समाधान नहीं होने पर आंदोलन उग्र होने की आशंका है।