8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

दो फिल्म इंडस्ट्री और दो चेहरे… ‘सागवान’ के नाम पर एक तरफ फूहड़ता दूसरी तरफ इंसाफ की लड़ाई

Khesari Lal Yadav Song: भोजपुरी और राजस्थानी फिल्म इंडस्ट्री में कितना अंतर है? यदि ये जानना है तो पढ़नी होगी पूरी खबर। एक तरफ है खेसारी लाल यादव का ‘टूट जाई राजा जी पलंग सागवान के’ गाना… जहां पलंग टूटने की बात की गई है, वहीं दूसरी तरफ…

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Saurabh Mall

Jan 07, 2026

Bhojpuri-Rajasthani Film Industry

भोजपुरी और राजस्थानी फिल्म इंडस्ट्री में कितना अंतर है? (इमेज सोर्स: एक्स और पीबीआर म्यूजिक)

Bhojpuri-Rajasthani Film Industry: दो रीजनल फिल्म इंडस्ट्री है, जिनकी सोच बिलकुल अलग है और यह स्वाभाविक भी है। लेकिन उनमें से एक इंडस्ट्री फूहड़कम मचाने पर अमादा है। वहीं दूसरी इंडस्ट्री अपने कल्चर को आगे बढ़ाने की कोशिश में जुटी है। ऐसा हम क्यों कह रहे हैं, इसकी वजह भी जान लीजिए। दरअसल दोनों ही फिल्म इंडस्ट्री के बीच में खड़ा है एक शब्द, जिसने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

‘सागवान’ के नाम पर एक तरफ फूहड़ता दूसरी तरफ इंसाफ की लड़ाई

यहां जिन दो इंडस्ट्री की बात हो रही है, उनमें से एक है- भोजपुरी और दूसरी राजस्थानी। जी हां, एक तरफ भोजपुरी इंडस्ट्री में खेसारी लाल यादव का वायरल गाना ‘टूट जाई राजा जी पलंग सागवान के’ फूहड़ मनोरंजन और बेडरूम ड्रामे की तरफ इशारा करता है, वहीं दूसरी ओर राजस्थानी फिल्म इंडस्ट्री में इसी नाम की अपकमिंग फिल्म ‘सागवान’ में इंसाफ, ईमानदारी और समाज सुधार की लड़ाई देखने को मिलेगी।

‘टूट जाई राजा जी पलंग सागवान के’ गाने का समझिए 50 करोड़ व्यूज का मायाजाल

जब भी कोई ‘सागवान’ का नाम लेता है तो, लोगों के दिमाग में बस खेसारी लाल यादव का हिट गाना ‘टूट जाई राजा जी पलंग सागवान के’ गूंजने लगता है। इस गाने को अब तक 50 करोड़ से ज्यादा लोग देख चुके हैं। यानी 500 मिलियन व्यूज। कुछ लोगों को यह फूहड़कम लगता है तो कुछ इसे मनोरंजन मानते हैं। कई लोग कहते हैं कि ऐसे गानों ने न सिर्फ संगीत का स्तर खराब किया, बल्कि एक कीमती लकड़ी ‘सागवान’ के नाम को भी गलत तरह से पेश कर दिया।

'सागवान' का नया अवतार

लेकिन अब राजस्थान के उदयपुर में तैनात सीआईडी इंस्पेक्टर हिमांशु सिंह राजावत ने इस परिभाषा को चुनौती दी है। राजावत अपनी नई राजस्थानी फिल्म 'सागवान' लेकर आ रहे हैं, जो 16 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

इस फिल्म में न कोई फूहड़ता है और न ही द्विअर्थी संवाद। यहां 'सागवान' का मतलब है- मेवाड़ के घने जंगल और पुलिस का वो मजबूत डंडा, जो समाज में फैले अंधविश्वास, ढोंगी तांत्रिकों और मासूमों की बलि चढ़ाने वाली कुरीतियों को जड़ से उखाड़ने के लिए उठता है।

सच्ची घटना पर आधारित है फिल्म

फिल्म 'सागवान' 2019 में हुई एक सच्ची मर्डर मिस्ट्री पर आधारित है, जिसकी पटकथा खुद हिमांशु सिंह राजावत ने अपनी केस फाइलों से लिखी है। यह फिल्म उस दर्द को बयां करती है जिसे एक पुलिस अधिकारी ने ड्यूटी के दौरान महसूस किया।