
रानी चटर्जी (इमेज सोर्स: एक्ट्रेस इंस्टाग्राम)
Rani Chatterjee Chhath Puja: छठ महापर्व का सूर्योदय हो या अस्त, हर अर्घ्य में छिपी है आस्था की अनकही कहानी। मांग में लाल सिंदूर, माथे पर चमकती बिंदी और पारंपरिक साड़ी में सजी अभिनेत्री रानी चटर्जी जो मुस्लिम परिवार में तो जन्मी लेकिन उनका प्रेम सनातन धर्म के प्रति दिन-प्रतिदिन बढ़ता गया। धार्मिक सीमाओं को पार कर, उनका यह लुक भारत की गंगा-जमुनी तहजीब की जीती-जागती मिसाल है।
बता दें रानी चटर्जी का असली नाम ‘सबीहा शेख’ है। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में आने के बाद, उन्होंने खुद अपना नाम बदल लिया। हालांकि इस कदम से उनके परिवार वाले ना खुश थे।
लोक आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत शनिवार को नहाय-खाय से हो चुकी है। रविवार को भोजपुरी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री रानी चटर्जी ने सोशल मीडिया के जरिए प्रशंसकों को छठ की शुभकामनाएं दीं।
रानी ने तस्वीर पोस्ट कर कैप्शन में लिखा, "संपूर्ण देशवासियों को लोक आस्था का महापर्व छठ की हार्दिक शुभकामनाएं। जय छठी मईया।"
प्रशंसकों को उनकी पोस्ट काफी पसंद आ रही है। वे कमेंट सेक्शन में उनके लुक की तारीफों के पुल बांध रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं है, जब एक्ट्रेस को इस अंदाज में देखा गया हो। पहले भी कई बार हिन्दू त्योहारों को उन्होंने हर्षोल्लास के साथ मनाया है। एक्ट्रेस ट्रोल करने वालों को भी करारा जवाब देती हैं।
रानी चटर्जी की बात करें तो वह कई फिल्मों की शूटिंग पूरी कर चुकी हैं, और परिणय सूत्र की डबिंग भी हो चुकी है। अब बस फिल्म के रिलीज का इंतजार किया जा रहा है। इसी के साथ ही 'प्रिया ब्यूटी पार्लर' और 'घमंडी बहू' के अलावा उनकी फिल्म 'चुगलखोर बहुरिया' रिलीज हो चुकी है।
रानी की बहुप्रतीक्षित एक्शन-ड्रामा फिल्म 'गैंगस्टर इन बिहार' का ट्रेलर मेकर्स ने रिलीज किया है। फिल्म के रिलीज की अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। 'गैंगस्टर इन बिहार' को एनआरआई राम शर्मा प्रोड्यूस कर रहे हैं। अभिनेत्री रानी चटर्जी के साथ-साथ इसमें प्रवेश लाल यादव, प्रमोद प्रेमी यादव, राखी मिश्रा और संजय पांडे भी अहम भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं।
छठ महापर्व की शुरुआत शनिवार को नहाय-खाय से हो गई है। इस दिन व्रती नदी में स्नान कर भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना करती हैं। स्नान के बाद कद्दू, अरवा चावल, चना दाल और आंवले की चटनी से बना प्रसाद ग्रहण करती हैं। साथ ही, चार दिवसीय अनुष्ठान का संकल्प लेती हैं।
वहीं, रविवार को खरना के लिए व्रती मिट्टी के चूल्हे और आम की लकड़ी का उपयोग कर अरवा चावल और गुड़ से बनी खीर, रोटी आदि प्रसाद तैयार करती हैं।
Updated on:
26 Oct 2025 07:39 pm
Published on:
26 Oct 2025 07:39 pm
