
भोपाल। प्रदेश में पोषण आहार के शॉर्ट-टर्म टेंडर उन्हीं तीन कंपनियों को देने की तैयारी है, जिन्हें बाहर करने के लिए व्यवस्था बदलना तय किया गया था। महिला एवं बाल विकास विभाग में सोमवार को 10 कंपनियों की फायनेंसियल बिड स्वीकार की गई है। इनमें एमपी एग्रो की पुरानी तीनों कंपनियां भी शामिल हैं। हालांकि, अभी टेंडर का फैसला सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसका आदेश एक-दो दिन में हो सकता है। पोषण आहार आपूर्ति का ठेका पांच महीने के लिए दिया जाना है।
इसके लिए 37 टेंडर भरे गए थे, जिनमें से 13 कंपनियों ने भागीदारी की। तीन कंपनियों की तकनीकी बिड त्रुटियों के कारण रिजेक्ट कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक विभाग में 10 कंपनियों की फायनेंसियल बिड को अभी मंजूर किया गया है। इनके बिड प्रस्ताव पीएस व सीएम तक भेजे जाएंगे। इसके बाद ही कोई आदेश जारी होगा। इनमें एमपी एग्रो की एमपी एग्रो न्यूट्री फूड प्राइवेट लिमिटेड, एमपी एग्रो टॉनिक्स लिमिटेड और एमपी एग्रो फूड इंडस्ट्रीज भी शामिल हैं। बाकी सात कंपनियां मध्यप्रदेश से बाहर की है। इन दसों कंपनियों को संभागवार आपूर्ति का जिम्मा
दिया जाएगा।
यूं धरे रह गए सारे कदम
कुपोषण से बच्चों की मौतों पर बवाल के बाद सरकार ने एमपी एग्रो की तीनों कंपनियों का ठेका रद्द कर नई व्यवस्था लाने के लिए कदम उठाए तो कंपनियां कोर्ट पहुंच गईं। वहां से स्टे के बाद सितंबर 2017 तक आपूर्ति चलती रही। इसके बाद हाईकोर्ट ने एक महीने के भीतर मौजूदा व्यवस्था समाप्त करके नई व्यवस्था लागू करने के लिए कहा। बीते महीने मौजूदा व्यवस्था को समाप्त कर दिया। इसके बाद शॉर्ट टर्म टेंडर का फैसला हुआ था। तीनों कंपनियों को बाहर रखा था तो वे हाईकोर्ट से स्टे लेकर शामिल हो गईं।
03 कंपनियों की तकनीकी बिड नामंजूर की गई
10 कंपनियों को आपूर्ति के लिए योग्य चयन में लिया
03 कंपनियां पुरानी वाली, बाकी बाहरी राज्य की
1200 करोड़ का पोषण आहार का बजट
10 साल से आपूर्ति का जिम्मा निजी सेक्टर के पास
37 टेंडर अभी शॉर्ट टर्म आपूर्ति के लिए भरे गए
Published on:
10 Apr 2018 06:34 pm
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