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घर की छत और सूरज के ‘योग’ से पैदा हो रही 1000 मेगावाट बिजली, उपभोक्ता से उत्पादक बन रहे एमपी के लोग

1000 MW Electricity Generate : कोयला आधारित बिजली को ना। प्रदेश सरकार 20 साल में सोलर संयंत्रों से 5,376 मेगावाट बिजली पैदा करने की क्षमता विकसित कर पाई। आम नागरिक, किसान और उद्योगपतियों ने पांच साल में लगा लिए 4,515 मेगावाट क्षमता के संयंत्र।

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1000 MW electricity generate

1000 MW electricity generate (उपभोक्ता से बिजली उत्पादक बन रहे एमपी के लोग Photo Source- Patrika)

MP News :मध्य प्रदेश के आम नागरिक, किसान और उद्योगपति सूरज के प्रकाश से बिजली पैदा करने की दिशा में तेजी से बढ़े हैं। 4,515 मेगावाट क्षमता के संयंत्र लगवाए हैं। इनसे 1000 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू हो चुका है। ये प्रगति बीते 5 साल की है। निजी क्षेत्रों में सोलर से बिजली पैदा करने का यही क्रेज रहा तो अगले पांच साल में ये लोग सरकार को भी सौर ऊर्जा उत्पादन में पीछे छोड़ देंगे।

मौजूदा समय में मध्य प्रदेश की सभी क्षेत्रों से बिजली पैदा करने की क्षमता 26012 है। इसमें से करीब 6 हजार मेगावाट बिजली थर्मल पावर प्लांट पैदा करते हैं, जिनमें कोयले का उपयोग होता है। यही कोयला कार्बन उत्सर्जन का बड़ा कारण है। इस अद्श्य दुश्मन से प्रदेश सरकार ही नहीं, बल्कि समूचा विश्व परेशान है। राज्य के लोग इससे लड़ने के लिए तैयार हैं, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार भी लोगों की हर दृष्टि से आर्थिक मदद कर रही है।

ऐसे समझें गणित

अकेले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की बात करें तो 1.33 लाख 121 परिवार सौर संयंत्र से इस वक्त दिन में बिजली पैदा कर रहे हैं। पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी में 202.07 मेगावाट के 54,773 संयंत्र लगे हैं, जहां से 56 हजार 247 परिवारों को बिजली मिल रही है। मध्य क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी में 47,734 सौर संयंत्र से 50,323 और पूर्व क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी में 30,614 सौर संयंत्रों से 30,899 परिवारों को 110.87 मेगावाट बिजली मिल रही है।

सरकारी क्षेत्र में उत्पादन क्षमता

वर्ष---उत्पादन

-मार्च 2024---3107
-मार्च 2025---4435
-मार्च 2026---5376
-2 वर्ष में बढ़ोतरी---2269

निजी क्षेत्रों में ऐसे बढ़ रहा सौर ऊर्जा का उत्पादन

-499--पीएम सूर्य घर योजना
-ए--150 पीएम कुसुम
-सी--200 पीएम कुसुम
-3666--सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना
-4515--निजी क्षेत्रों में कुल सौर उर्जा उत्पादन क्षमता

10 हजार करोड़ की सब्सिडी

सौर ऊर्जा उत्पादन करने वाले आम लोगों, किसानों व उद्योगपतियों को केंद्र-राज्य ने 10 हजार करोड़ से अधिक की सब्सिडी दी थी। भविष्य में यह राशि और बढ़ेगी। सीएम डॉ. मोहन यादव का कहना हैं कि, 10 लाख लोगों के घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाएंगे, इसके लिए मदद देंगे। भविष्य में जो भी संयंत्र लगवाना चाहेगा, सभी को पात्रता के आधार पर सब्सिडी का लाभ मिलेगा।

इसलिए बढ़ रहा बिजली पैदा करने का क्रेज

-सौर बिजली सस्ती है, वायु प्रदूषण भी नहीं फैलता।
-कोयला आधारित बिजली महंगी है। बिल उपभोक्ताओं को लगातार झटके दे रहे हैं।
-ई-व्हीकल का उपयोग बढ़ा है, लोग खुद की बिजली से इन वाहनों को चार्ज कर रहे।
-केंद्र व राज्य सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर सब्सिडी दे रही है।