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MP News: पीएम मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के बाद मध्यप्रदेश में 'एक बगिया मां के नाम' परियोजना की शुरुआत की गई। जिसके तहत स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा अपनी निजी भूमि पर फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। इस योजना के तहत अब तक 10162 महिलाओं को स्वीकृति भी मिल चुकी है।
परियोजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा 1000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पात्र हितग्राहियों को पौधों की खरीद से लेकर सुरक्षा के साथ ही सिंचाई के लिए 50 हजार लीटर का जल कुंड बनाने के लिए राशि भी उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के लिए 31 हजार महिलाओं को लक्ष्य रखा गया था लेकिन अब तक लक्ष्य से अधिक 40 हजार महिलाएं पंजीयन करा चुकी हैं।
"एक बगिया मां के नाम" मध्य प्रदेश सरकार की एक परियोजना है जिसका उद्देश्य महिला स्वयं-सहायता समूहों की महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए उनके निजी भूमि पर फलदार पौधे लगाना है। इस परियोजना के तहत हितग्राहियों को पौधे, खाद, और सिंचाई की सुविधा मिलती है, साथ ही प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यह परियोजना 15 अगस्त से 15 सितंबर 2025 तक चलेगी और इसमें आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
परियोजना में पौधरोपण की मप्र इलेक्ट्रिक डेव्हलेपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा ड्रोन के माध्यम से मॉनिटरिंग की जाएगी। जिससे चयनित जमीन, गड्ढे सहित पौधों की यथास्थिति के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त हो सकेगी। साथ ही बाद में ड्रोन से निगरानी भी की जाएगी। पौधरोपण में वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग कर रहे हैं।
इस योजना के क्रियान्वयन में बुधवार तक की स्थिति में 5 जिले आगे हैं। इसमें खंडवा, सिंगरौली, बैतूल, देवास और आगर मालवा शामिल हैं। वहीं टॉप 5 ब्लॉक में खंडवा, चितरंगी, पंधाना, पुनासा और खालवा शामिल है।
Updated on:
4 Sep 2025, 12:16 PM IST
Published on:
4 Sep 2025, 12:16 PM IST
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