
प्रतिकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
MP News: हाउसिंग बोर्ड के सरस्वती री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट संकट में उलझता नजर आ रहा है। यहां प्रोजेक्ट की पूरी योजना लोगों ने मांगी, लेकिन बोर्ड उपलब्ध नहीं करवा रहा है। अपना घर गंवाने के बाद क्या और कैसा आशियाना मिलेगा? इस सवाल का जवाब नहीं मिला तो लोगों ने सहमति लेना वापस कर दी है। अब तक करीब 40 रहवासियों ने सहमति वापसी को लेकर बोर्ड को सूचित किया।
मामले में रहवासी समिति बोर्ड के अफसरों से लेकर कलेक्टर तक बात रख चुकी है। रहवासी व समिति के पदाधिकारी आदेश धुरिया के अनुसार हमने सूचना के अधिकार से लेकर व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात पूरा प्लान मांगा। अब जब ये प्लान बता देंगे, लिखित में देंगे कि उसपर ही पूरा काम करेंगे, तभी हम अपनी मंजूरी देंगे।
जवाहर चौक स्थित हाउसिंग बोर्ड की 50 साल पुरानी कॉलोनी सरस्वती नगर का री- डेवलपमेंट प्रस्तावित है। पॉलिसी के अनुसार मौजूदा जगह से 20 फीसदी बड़ा फ्लेट-मकान देंगे। सरस्वती नगर का लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से हाउसिंग बोर्ड डेवलपमेंट कर रहा है। जब तक प्रोजेक्ट का काम चलेगा तब तक बोर्ड कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार किराया भी देगा।
यहां बताया गया कि प्रोजेक्ट में 52 फीसदी से ज्यादा लोगों ने अपनी सहमति दे रखी है। हालांकि लोग अब मंजूरी वापिस लेने की बात कह रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को 23 अप्रैल-25 को साधिकार समिति से भी सहमति मिल चुकी है। प्रोजेक्ट के लिए आर्किटेक्ट और कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है।
हाउसिंग बोर्ड का शहर में ये अब तक का सबसे बड़ा री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट बताया जा रहा है। अब तक बिट्टन मार्केट, रविशंकर मार्केट प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया और यहां विवाद की स्थिति है।
प्रोजेक्ट में रहवासियों की शंका का समाधान करने के निर्देश दिए थे। मामले में रिपोर्ट लेकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।-कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर
Published on:
31 Jul 2025 10:51 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
