
भोपाल.बीजेपी के 'बैटमार' विधायक आकाश विजयवर्गीय ( Aakash vijayvargiya ) पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पिछले दिनों अनुशासन समिति ( mp bjp disciplinary committee ) की तरफ से उन्हें एक नोटिस जरूर जारी किया गया था। ऐसे में मध्यप्रदेश बीजेपी अनुशासन समिति के संयोजक बाबूसिंह रघुवंशी ( babusingh raghuvanshi ) का बड़ा बयान आया है। जिसे जान आप हैरान रह जाएंगे। उन्होंने आकाश विजयवर्गीय पर कार्रवाई की बात पर कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस घटनाक्रम से नाराज थे, इसकी कोई जानकारी मेरे पास नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मध्यप्रदेश अनुशासन समिति के चीफ बाबू सिंह रघुवंशी ने कहा है कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी संसदीय दल की बैठक में आकाश विजयवर्गीय के बारे में कोई टिप्पणी की थी। जबकि बैठक से बाहर आकर बीजेपी सांसद और पूर्व मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा था कि इस तरह के व्यवहार करने वालों के लेकर पीएम मोदी बहुत अपसेट थे। उन्होंने कहा था कि इस तरह की हरकत करने वाले लोगों के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है।
मेरे पास जानकारी नहीं
बाबू सिंह रघुवंशी ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के संसदीय दल की बैठक में वास्तव में क्या कहा था कि इसकी शब्दश: जानकारी मेरे पास नहीं हैं। इसलिए मैं इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकता हूं। आकाश पर टिप्पणी को लेकर भाजपा की तरफ से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और न ही पीएम की टिप्पणी की कोई ऑडियो या वीडियो क्लिप सामने आई है। मध्यप्रदेश भाजा की अनुशासन समिति के चीफ ने यह साफ किया कि मेरे सामने अभी तक यह क्लियर नहीं है पीएम ने यह टिप्पणी व्यक्तिगत रूप से आकाश के लिए की थी या पार्टी के सभी नेताओं को उनके आचरण के बारे में सार्वजनिक रूप से कही थी।
आकाश को नोटिस मिला है क्या?
वहीं, आकाश विजयवर्गीय की करतूत पर अनुशासन समिति ने कोई नोटिस जारी किया है क्या। इस पर बाबूसिंह रघुवंशी ने न तो कोई जवाब दिया और न ही पुष्टि की कि बीजेपी ने उन्हें अऩुशासनात्मक कार्रवाई के लिए कोई नोटिस जारी किया है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि भाजपा की तरफ से आकाश को कोई नोटिस जारी किए जाने की मुझे जानकारी नहीं है। बाबूसिंह रघुवंशी ने कहा कि एमपी बीजेपी अनुशासन समिति के पास आकाश से संबंधित कोई मामला सुनवाई के लिए नहीं आया है।
आकाश का किया बचाव
अनुशासन समिति के चीफ बाबूसिंह रघुवंशी ने कहा कि मैं भी एक वकील हूं। कानून यहीं कहता है कि जब तक अदालत में आकाश के खिलाफ मामला सिद्ध नहीं हो जाता है, तब तक वह कानून की नजर में निर्दोष है।
यह था मामला
दरअसल, इंदौर नगर निगम के अधिकारी 26 जून को शहर में जर्जर मकान को गिराने आए थे। स्थानीय लोगों के साथ मिल विधायक आकाश विजयवर्गीय इसका विरोध कर रहे थे। निगम के अधिकारी ने जब कार्रवाई जारी रखा तो आकाश विजयवर्गीय ने अधिकारी की बल्ले से पिटाई की थी। इस मामले में उनके गिरफ्तारी हुई और जेल गए। फिर भी इन चीजों से अनुशासन समिति अनजान है।
दरअसल, 2 जुलाई को बीजेपी संसदीय दल की बैठक के बाद मीडिया में यह खबर आई कि पीएम मोदी आकाश विजयवर्गीय की करतूत से नाराज हैं। उन्होंने बैठक के दौरान साफ शब्दों में कहा था कि बेटा किसी का भी हो उसे पार्टी से बाहर निकाला जाए। ऐसे में सवाल है कि जब पीएम मोदी ने ऐसी कोई बात कही नहीं तो फिर पार्टी ने मीडिया में चल रही खबरों का खंडन क्यों नहीं किया।
Published on:
22 Jul 2019 06:46 pm
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