
जमकर हंगामा किया
भोपाल में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में अखिल भारती विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने शनिवार को जमकर हंगामा किया। छात्र देर रात तक धरने पर बैठे रहे। विवि में 200 करोड़ की एफडी का निजी खातों में स्थानांतरण करने के मामले में चल रही जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जांच समिति को बंधक बना लिया। समिति सदस्यों को एक कमरे में बंद कर उसमें ताले लगा दिए। देर रात करीब 11 बजे बमुश्किल ताले खोले गए।
छात्रों का आरोप है कि अवधि पूर्ण होने के बाद भी समिति द्वारा कोई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है। इस मांग को लेकर विद्यार्थियों ने राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपा था। शुक्रवार को शुरू किए गए इस धरने के बाद से एबीवीपी कार्यकर्ता दिन रात डटे रहे।
एबीवीपी के प्रांत मीडिया संयोजक शिवम जाट एवं प्रांत सहमंत्री जसवंत सिंह यादव ने बताया कि आंदोलन के चलते प्रदेश सरकार ने दस दिन के अंदर जांच पूरी करने का आश्वासन दिया था। इसकी अवधि शुक्रवार को पूर्ण होने पर समिति द्वारा कोई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है। इसलिए विद्यार्थी परिषद ने जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग रखते हुए अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया है।
कार्यकर्ताओं ने कुलपति सुनील कुमार की नेम प्लेट उखाड़कर उसे तोड़ दिया।
इतना ही नहीं, इस गड़बड़ी की जांच कर रही कमेटी को एक कमरे में बंद कर दिया और उसके बाहर धरने पर बैठ गए।
क्या है मामला
आरजीपीवी में 200 करोड़ रुपए की एफडी को नियम विरुद्ध विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया था। गड़बड़ी की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की कमेटी के सदस्य सोमेश मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से बात करने तक से इंकार कर दिया था।
इस से गुस्साए कार्यकर्ताओं ने शनिवार को उस कमरे के बाहर ताला जड़ दिया, जिसमें जांच कमेटी दस्तावेजों का परीक्षण कर रही थी। परिषद के कार्यकर्ताओं ने समिति सदस्यों को अंदर बंद कर बाहर ताला लगा दिया और धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन कार्यकर्ताओं ने कमरे का ताला नहीं खोला। एबीवीपी ने जांच के तथ्य छिपाने और आरोपियों को बचाने के प्रयास करने का आरोप लगाया।
बताया जा रहा है कि RGPV Bhopal प्रभारी वीसी एसएस भदौरिया और अन्य कर्मचारियों को भी ABVP छात्रों ने बंधक बना लिया था। करीब दो दर्जन लोग ताले में कैद रहे। जब एक आरोपी को निलंबित किए जाने की सूचना आई तभी ताले खोले गए। इस दौरान कई घंटों तक कर्मचारी बंधक रहे।
Published on:
03 Mar 2024 07:36 am
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