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beautiful waterfalls of mp आपके घर के पास ही हैं ये खूबसूरत झरने, देखिए यहां के दिलकश नजारे

बारिश में मौसम सुहाना हो गया है। ऐसे में बरसती बूंदों के बीच हरियाली, पहाड़ी और झरनों की गोद में पिकनिक का आनंद कुछ और ही है। प्रदेश के कई पर्यटन स्थलों पर लोग ऐसे नजारों का आनंद लेने सबसे ज्यादा इसी मौसम में उमड़ते हैं।

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झरनों की गोद में पिकनिक का आनंद

बारिश में मौसम सुहाना हो गया है। ऐसे में बरसती बूंदों के बीच हरियाली, पहाड़ी और झरनों की गोद में पिकनिक का आनंद कुछ और ही है। प्रदेश के कई पर्यटन स्थलों पर लोग ऐसे नजारों का आनंद लेने सबसे ज्यादा इसी मौसम में उमड़ते हैं। भुट्टे का मजा लेते हुए दिलकश नजारे देखते हैं। हालांकि प्रकृति का आनंद लेते हुए सतर्क रहें, थोड़ी सी लापरवाही से एक ओर जहां पूरा आनंद खत्म हो जाता है, वहीं यह जानलेवा भी साबित होती है। आए दिन लापरवाही से हुए हादसे सामने आते हैं। ऐसे में आप सावधानी रखें और आनंद को दोगुना कर लें। हम आपके ऐसे कुछ पिकनिक स्पॉट पर बता रहे हैं जोकि आपके घर के बहुत करीब हैं।

राजधानी भोपाल से 145 किमी दूर बेगमगंज एवं राहतगढ़ के बीच रायसेन जिले की सीमा पर राहतगढ़ वाटरफॉल देखने बड़ी तादाद में लोग आते हैं।

खतरनाक क्यों?
वाटर फॉल बेहद खतरनाक जगह है। लगातार पानी के बहाव से चट्टानों पर काई जम जाती है। इस पर पैर फिसलते हैं। इसे मौत का फॉल भी कहते हैं। यहां हर साल हादसे होते हैं।

यह सावधानी
वाटर फॉल के नजदीक न जाएं। बैरिकेडंग के बाहर से ही नजारा देखें। पानी गिरने से उठते धुएं के करीब जाकर आनंद लेना जानलेवा हो सकता है।

भेड़ाघाट, जबलपुर
संगमरमरी वादियों से घिरा भेड़ाघाट दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहां धुआंधार जलप्रपात हर किसी का मन मोह लेता है। प्राचीन मठ चौंसठ योगिनी, गोपालपुर शनि मंदिर, नर्मदा के दो किनारों के बीच बंदरकूदनी आकर्षण के केंद्र हैं। कहते हैं, प्राचीन काल में बंदर एक किनारे से दूसरे किनारे छलांग लगाते थे। इसलिए नाम बंदरकूदनी पड़ा।

खतरनाक क्यों?
भेड़ाघाट में संगमरमर की चट्टानें हैं। सॉफ्ट मार्बल होने से पानी में जल्द काई लग जाती है। इससे फिसलन होती है। यह कमजोर मार्बल है। इससे मूर्ति बनती है। सोपस्टोन पाउडर भी बनता है।

यह रखें सावधानी
धुआंधार फॉल के किनारे संगमरमर की चट्टानों के बीच खतरनाक प्वॉइंट हैं। इसमें लगी काई से फिसलन बढ़ गई है। सुरक्षा के लिए ग्रिल लगी है। चेतावनी बोर्ड भी हैं, पर आप किनारों से दूर रहें।

काकड़ा खो: मांडू, (धार)
बारिश में मांडू का सौंदर्य निखर आया है। यहां रोज 20-25 हजार सैलानी आते हैं। मांडू में प्रवेश करते ही काकड़ा खो का झरना सैलानियों का ध्यान खींचता है। पर्यटक यहां किनारे पर फोटों खींचते हैं।

खतरनाक क्यों?
काकड़ा खो के पहाड़ों के नीचे गहरी खाई है। पानी में फिसलन होने से यहां हादसे होते हैं। पर्यटकों जोश में किनारे पर खड़े होकर फोटो खिंचाने और हंसी मजाक करते हैं। यह जोखिम भरा है।

यह सावधानी
झरने के मुहाने पर जाने से बचें। रेलिंग क्रॉस न करें। दूर खड़े होकर झरने का आनंद लें।