
बैतूल संसदीय क्षेत्र
Betul Lok Sabha Seat लोकसभा चुनावों के लिए मंगलवार को एमपी कांग्रेस की पहली सूची जारी होते ही बैतूल संसदीय क्षेत्र की स्थिति साफ हो गई है। यहां से रामू टेकाम को कांग्रेस प्रत्याशी बनाया गया है जबकि बीजेपी पहले ही सांसद दुर्गादास उइके को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। इस प्रकार बैतूल लोकसभा सीट Betul Lok Sabha Seat पर एक बार फिर पुराने प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने होंगे।
रामू टेकाम पिछली बार भी कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर लोकसभा के लिए चुनाव मैदान में उतरे थे लेकिन बीजेपी प्रत्याशी दुर्गादास उइके से लाखों वोटों से हार गए थे। सवाल यही है कि लाखों मतों का यह अंतर इस बार वे कैसे पाटेंगे!
रामू टेकाम आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं और क्षेत्र में खासे सक्रिय हैं। वे कमलनाथ के समर्थक माने जाते हैं। बैतूल जिले के सांवलमेंढा निवासी टेकाम को दोबारा प्रत्याशी घोषित कर कांग्रेस ने कमलनाथ पर भी भरोसा जताया है। कांग्रेस आलाकमान को उम्मीद है कि अपने कट्टर समर्थक युवा रामू टेकाम को जिताने के लिए कमल नाथ पूरा जोर लगाएंगे।
कमलनाथ ने ही उन्हें मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनवाया था।इसके बाद रामू टेकाम आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए गए।
टेकाम ने भोपाल के बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय से एलएलएम किया है। वकालत की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने अधिवक्ता के रूप में काम शुरु किया।
इधर बीजेपी के प्रत्याशी सांसद दुर्गादास उइके कई सालों तक शिक्षक रहे। उन्होंने शिक्षा विभाग में 32 साल तक शिक्षक के रूप में सेवा दी। 58 साल के उइके सालों पहले संघ यानि आरएसएस से जुड़ गए थे। वे ढाई दशक से
अखिल भारतीय गायत्री परिवार से भी जुड़े हैं। आरएसएस के साथ सामाजिक धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहने के कारण ही पिछली बार बीजेपी ने उन्हें वर्ष 2019 के चुनाव में लोकसभा का प्रत्याशी बनाया था।
इस चुनाव में दुर्गादास उइके को 811248 वोट मिले जबकि कांग्रेस प्रत्याशी रामू टेकाम Ramu Tekam को 451007 वोट ही हासिल हो पाए थे। इस प्रकार दुर्गादास उइके MP Durgadas Uike 3 लाख 60 हजार 241 वोट के भारी भरकम अंतर से विजयी रहे थे।
Published on:
12 Mar 2024 08:44 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
