
Bhopal Gas Tragedy
Bhopal Gas Tragedy waste: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के गोदाम में रखा 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा बुधवार रात 12 बजे के बाद स्पेशल कंटेनर में एक साथ पीथमपुर भेजा जाएगा। इसके लिए 250 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनेगा। कचरे को जंबू बैग में भरने का काम मंगलवार को भी चलता रहा। 12 में से 8 कंटेनरों में मंगलवार रात तक कचरे से भरे इन बैग को कंटेनर में लोड किया जा चुका है। 4 कंटेनरों में भरने का काम चल रहा है।
बुधवार को इसे भी पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद देर रात जहरीले कचरे से भर इन सभी ट्रकों को एक साथ रवाना किया जाएगा। कचरा भरे जाने के बाद कंटेनरों को भेजने से पहले इनका वजन किया जाएगा। यहां से पीथमपुर पहुंचने पर भी वजन किया जाएगा।
जहरीले कचरे से भरे कंटेनरों को भोपाल से पीथमपुर तक भारी सुरक्षा के बीच ले जाएगा। इसके लिए भोपाल से पीथमपुर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। यहां कचरे को रामकी एनवायरो में जलाया जाएगा।
जहरीले कचरे को कंटेनर में भरने के दौरान बड़ी सावधानी बरती जा रही है। इसके लिए सभी जरूरी गाइडलाइन फॉलो की जा रही है। एक कंटेनर में तकरीबन 30 टन कचरा भरा जा रहा है। 200 से ज्यादा मजदूर कचरा भरने में जुटे हैं, लेकिन उनकी 8 घंटे की बजाय 30 मिनट की शिफ्ट लगाई गई है।
जहरीला कचरा भरते हुए विशेष सावधानी बरती जा रही है। कचरा जिस स्थान पर रखा है, उस इलाके की धूल भी कचरे के साथ जाएगी। कहीं कचरा गिरा है तो उस जगह की मिट्टी को भी पीथमपुर ले जाया जाएगा। इस मिट्टी और धूल की भी टेस्टिंग होगी। जांचा जाएगा कि कहीं मिट्टी भी तो जहरीली नहीं हुई?
बता दें कि रविवार को एक्सपर्ट की मौजूदगी में कचरे को 12 कंटेनर में भरने की प्रोसेस शुरू हुई थी। मंगलवार देर रात तक कचरे को भरे जाने की प्रक्रिया चलती रही। इस दौरान कैम्पस के 200 मीटर के दायरे को सील कर दिया है। अंदर जाने के सभी रास्ते बंद किए गए हैं। 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगे हैं।
Published on:
01 Jan 2025 01:28 pm
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