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Bhopal Sealing Drive: 8264 को नगर निगम ने भेजे नोटिस, मास्टर प्लान लागू करने पर सरकार राजी

Bhopal Master Plan: भोपाल में 21 साल से बेतरतीब विकास और रिहायशी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियों पर सुप्रीम कोर्ट की सीलिंग कार्रवाई के बीच सरकार मास्टर प्लान लागू करने को तैयार है।
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Bhopal Sealing Drive: नगर निगम ने भेजे नोटिस, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)

Bhopal Sealing Drive: नगर निगम ने भेजे नोटिस, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)

Bhopal news: 21 साल से बेतरतीब फैल रही मध्यप्रदेश की राजधानी में सरकार मास्टर प्लान लागू करने के लिए तैयार है। रिहायशी इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियां और सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से सीलिंग की कार्रवाई से नाराज लोगों के लिए यह ऑक्सीजन की तरह काम करेगा। सरकार ने मास्टर प्लान की खामियों को दूर कर लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के अनुरूप ड्राफ्ट में जरूरी बदलाव पर भी चर्चा पूरी हो चुकी है। अब सुप्रीम कोर्ट में सीलिंग मामले में 15 सितंबर को सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है। मास्टर प्लान न होने से शहर को कई बड़े नुकसान हो चुके हैं। मास्टर प्लान न होने से ही रिहायशी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियां शुरू की गईं।

मास्टर प्लान पर इसलिए जागी सरकार

दरअसल, भोपाल में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद रिहायशी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियों पर सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। रहवासी कमर्शियल एक्टिविटी का विरोध कर रहे हैं और व्यापारी भी सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में हैं। व्यापारियों का कहना है कि मास्टर प्लान समय पर नहीं लाने से ऐसे हालात हुए।

ये भी जानिए

-भोपाल में 62 हजार संपत्तियां सूचीबद्ध
-अब तक नगर निगम ने 8264 को भेजे नोटिस
-कई पर सीलिंग की कार्रवाई फिर भी कमर्शियल उपयोग
-व्यापारी लगातार कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट से समय मांग रही सरकार

कानूनी मामलों के जानकार दिल्ली के एक वरिष्ठ वकील ने बताया कि ऐसे में सरकार के पास बीच का रास्ता निकालने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध करने का ही रास्ता है। इसलिए सरकार ने कोर्ट से अनुरोध करने के लिए कई विकल्प तैयार किए हैं। इनमें मास्टर प्लान लागू करने के विकल्प को सबसे बड़ा और मजबूत आधार माना जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हर हाल में पालन किया है और आगे भी किया जाएगा। लेकिन कोर्ट को पूरी स्थिति बताई जाएगी। यदि अनुमति मिलती है तो समय मांगा जाएगा

नगर निगम करेगा सभी के परीक्षण

आवासीय क्षेत्र के मॉल, होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर अनुमति और वैधानिकता की जांच नगरनिगम भोपाल करेगा। हाईकोर्ट में सोमवार को 42 याचिकाओं पर सुनवाई हुई थी। बीते दिनों दस नम्बर, कलियासोत और बड़ा तालाब के 50 मीटर दायरे में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने सम्बंधी आदेश और शो-कॉज नोटिस को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई। शोकॉज नोटिस की याचिकाओं का निराकरण करते हुए कोर्ट ने नगर निगम को याचिकाकर्ताओं के जवाब का विधि के अनुसार परीक्षण कर कारण सहित आदेश पारित करने के निर्देश दिए थे। मकानों को तोड़ने के मामले में दलीलें पूरी नहीं हो सकीं। एकलपीठ ने मकान तोड़ने पर लगी रोक बरकरार रखते हुए अगली सुनवाई 15 सितंबर निर्धारित की है।