
गार्ड ऑफ ऑनर के बाद परिवार को सौंपा गया विकास का शव (फोटो सोर्स: AIIMS X Handle)
Bhopal News :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बागसेवनिया के 53 वर्षीय विकास चौधरी मरने के बाद तीन लोगों को नई जिंदगी दे गए। उनका दिल चेन्नई के एक व्यक्ति में धड़केगा, उनकी दोनों किडनी और लंग्स भोपाल और इंदौर के तीन लोगों को नया जीवन देंगे। विकास को गंभीर हालत में दूसरे अस्पताल से ए्स रेफर किया गया था। डॉक्टरों ने करीब पांच दिन इलाज किया।
तमाम जद्दोजहद के बाद भी जब हालत में सुधार नहीं हो सका तो निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के तहत जांच के बाद उन्हें ब्रेनडेड घोषित किया गया। परिवार ने गम में टूटने के बजाय विकास के हृदय, दोनों किडनी और फेफड़े दान किए गए।
डॉक्टरों ने ब्रेनडेड होने की जानकारी परिजनों को दी और अंगदान का महत्व समझाया। अपनों को खोने के गम में टूटने के बजाए मृतक के बेटे मासूम चौधरी, बड़े भाई राजेश चौधरी, बहन बीना चौधरी, करुणा साखरे और वंदना पाटिल ने स्वेच्छा से अंगदान की सहमति दी।
परिवार की सहमति के बाद अंगदान की प्रक्रिया शुरू हुई। डॉक्टरों की टीम ने करीब चार घंटे में हृदय, लीवर और दोनों किडनी सुरक्षित निकालीं। इसके बाद नियमानुसार अंगों का आवंटन किया गया। हृदय चेन्नई के एमजीएम हेल्थकेयर अस्पताल भेजा गया। लीवर इंदौर के सीएचएल अस्पताल भेजा गया। दोनों किडनी भोपाल के जरूरतमंद मरीजों को उपलब्ध कराई गईं।
हृदय को ए्स से राजा भोज एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। पुलिस ने पूरे मार्ग पर यातायात व्यवस्था संभाली। हृदय समय पर एयरपोर्ट पहुंचा और विशेष विमान से चेन्नई रवाना किया गया। लीवर को भी ग्रीन कॉरिडोर के जरिए भोपाल से इंदौर पहुंचाया गया।
अंगदाता विकास चौधरी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर पूरे सम्मान और गरिमा के साथ परिजनों को सौंप दिया गया।
विकास के बहनोई अशोक पाटिल ने कहा कि परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय है, लेकिन गर्व है कि विकास जातेजाते चार लोगों के जीवन में उम्मीद छोड़ गए। परिवार ने लोगों से अपील की कि ब्रेनडेड मरीज के अंगदान के लिए आगे आएं।
Updated on:
11 Sep 2026, 7:27 AM IST
Published on:
11 Sep 2026, 7:27 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.