
School Education Department
इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने गुरुवार को आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि बेस्ट ऑफ फाइव को समाप्त करने के निर्णय को वर्ष 2024-25 यानी अगले सत्र से लागू किया जाएगा। इसका असर 9वीं-10वीं कक्षा में पढ़ने वाले करीब 20 लाख विद्यार्थियों पर होगा।
यह है बेस्ट ऑफ फाइव
बेस्ट ऑफ फाइव योजना के तहत परीक्षार्थी सभी छह विषयों की परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सर्वाधिक पांच अंक वाले विषयों के नंबर जोड़कर रिजल्ट घोषित किया जाता है, जबकि सबसे कम अंक आने वाले विषय को रिजल्ट में शामिल नहीं किया जाता। इससे विद्यार्थियों ने अंग्रेजी, गणित व विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों को पढ़ना बंद कर दिया था।
गणित और अंग्रेजी में कमजोर हो गए बच्चे
दसवीं का रिजल्ट ठीक करने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 2018 में इस योजना को लागू किया था। इससे रिजल्ट में काफी सुधार आया, लेकिन विद्यार्थियों ने गणित व अंग्रेजी विषय पर ध्यान देना बंद कर दिया था। पिछले सालों में 10वीं की गणित व अंग्रेजी में सबसे ज्यादा विद्यार्थी फेल हुए।
गणित, विज्ञान जैसे प्रमुख विषयों में फेल होने के बाद भी विद्यार्थियों के पांच विषयों में पास होने पर पास की अंकसूची जारी की गई। लेकिन ये छात्र आर्मी में भर्ती के लिए अयोग्य हो गए।
Published on:
25 Aug 2023 11:42 am
