
भाजपा नेता ने कहा- बचपन से ही बच्चे गोश्त खाएंगे तो बड़े होकर नरभक्षी बन जाएंगे, बढ़ेगी तामसिक प्रवृत्ति
भोपाल. मध्यप्रदेश में अंडा को लेकर सियासत तेज है। मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने कहा है कि प्रदेश के बच्चों को पौष्टिक आहार के लिए आंगनबाड़ियों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को खाने के लिए अंडा दिया जाएगा। इस बयान का भाजपा ने विरोध किया है। नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने सरकार की इस योजना पर सवाल उठाएं हैं और कहा है कि अगर बचपन से ही बच्चे गोश्त खाएंगे तो बड़े होकर कहीं नरभक्षी न बन जाएं।
क्या कहा गोपाल ने
गोपाल भार्गव ने कमल नाथ सरकार पर हमला करते हुए कहा- एक कुपोषित सरकार से और क्या ज्यादा उम्मीद की जा सकती है। जो नहीं खाते हैं उन्हें जबरन खिलाइए। अगर अंडा से कुषोषण दूर नहीं हो रहा हो तो उन्हें मुर्गा खिलाइए और बकरा खिलाइए। सरकार को यह सोचना चाहिए की हम जबरन किसी को खाने पीने में बाध्य नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आदमी ऐसे ही मरा जा रहा है, अगर हम बचपन से ही बच्चों को गोश्त खिलाएंगे तो बड़े होकर वो कहीं नरभक्षी ना बन जाएं। उन्होंने कहा कि हमारी जो सनातन संस्कृति है उसमें मांसाहार निषेध है।
क्या कहा भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने
वहीं, आंगवबाड़ियों में अंडा दिए जाने के विरोध में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा- सरकार की किसी योजना का विरोध करने का सवाल नहीं है। आंगनबाड़ियों में कई तरह के बच्चे आते हैं जो शाकाहार हैं। आंगनबाड़ियों में बच्चों को दूध, दलिया और खीर भी दी जा सकती है। लेकिन अभी तो सरकार खुद ही कुपोषित है और उसे अंडा खाने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस समय ज्योतिरादित्य सिंधिया को सबसे ज्यादा मिड डे मील के अंडे खाने की जरूरत है। मुझे लगता है कांग्रेस जो भूखमारी के शिकार हो रहे हैं उन्हें सबस ज्यादा अंडा खाने की जरूरत है।
क्या है मामला
मध्यप्रदेश के 89 आदिवासी ब्लॉक की आंगनबाड़ियों में जान वाले बच्चों को पोषण के लिए राज्य सरकार उन्हें अंडा देने का विचार कर रही है। बुधवार को मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल बिकास मंत्री इमरती देवी ने कहा कि हम कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ियों में रोज अंडा खिलाएंगे। हालांकि भाजपा के विरोध पर उन्होंने कहा कि भाजपा का काम है विरोध करना। अभी इस पर विचार किया जा रहा है प्रस्ताव नहीं आया है। डॉक्टरों का सुझाव लिया जाएगा उसके बाद विभाग के अधिकारियों और सीएम से चर्चा की जाएगी।
भाजपा सरकार ने नहीं किया था लागू
बता दें कि देश को कुपोषण मुक्त करने के लिए यूपीए सरकार 2013 में आगंनबाड़ियों और मिड डे मील में बच्चों को अंडा देने की वकालत की थी। उस समय भाजपा सरकार वाले राज्यों ने उस समय उसे लागू नहीं किया था जबकि देश के कई राज्यों में दूध और अंडा दिया जा रहा है।
Updated on:
31 Oct 2019 12:01 pm
Published on:
31 Oct 2019 12:01 pm
