
भोपाल। मध्यप्रदेश में इस बार होने वाले चुनाव लगातार कड़ी टक्कर की ओर आगे बढ़ते दिख रहे हैं।जानकार मान रहे हैं कि इस बार की तैयारी को देखते हुए लगता है कि कांग्रेस सरकार को कड़ी टक्कर देने के मूड में है।
वहीं सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश सहित दो राज्यों (छत्तीसगढ़ व राजस्थान) में होने वाले चुनावों को लेकर अब पीएम नरेंद्र मोदी भी चिंतित हैं। जिसके चलते वे लगातार अमित शाह फीकबैक BJP Planing for Vidhansabha Chunav ले रहे हैं। भले ही चुनाव साल के अंत में आने वाले हैं लेकिन लोगों का मानना है कि भाजपा के कई दिग्गज नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि जल्द ही तीनों राज्यों के संगठन में बड़े बदलाव हो सकते हैं।
जानकारों के मुताबिक तीनों सरकारें दिल्ली के दवाब में हैं। उन्हें टारगेट दिया गया है कि वो अपने पक्ष में लहर चलाएं। यदि माहौल नहीं बदला तो काफी कुछ बदलाव हो सकते हैं।एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार BJP नेताओं की चिंता कर्नाटक से ज्यादा साल के अंत में होने वाले मध्यप्रदेश सहित अन्य दो राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर है।
यही वजह है कि अब पार्टी इन राज्यों के लिए संगठन में बदलाव भी कर सकती है। वहीं कई जानकारों का यह कहना है कि इन तीनों राज्यों की स्थिति लगभग गुजरात वाली ही है, जहां पार्टी की साख दांव पर है। यही वजह है कि पार्टी अब इन राज्यों के लिए अपने संगठन में कुछ बदलाव BJP Planing for Vidhansabha Chunav 2018 कर सकती है। इसके अलावा ये भी माना जा रहा है कि जिन नगर निकाय के चुनावों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा, या जिन उपचुनावों में भाजपा की शिकस्त हुई वहां को लेकर ज्यादा कड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।
अमित शाह आएंगे मध्यप्रदेश...
पार्टी सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय नेतृत्व फिलहाल चाहता है कि इन मध्यप्रदेश सहित तीनों ही राज्यों में सरकार और संगठन के बीच तालमेल और बेहतर हो ताकि जिन कमियों को महसूस किया जा रहा है, उन्हें राज्य सरकारें वक्त रहते दुरुस्त Vidhansabha Chunav 2018 करे लें। इसके अलावा पार्टी इन तीनों राज्यों में सिर्फ सरकार के कामकाज के बारे में ही नहीं बल्कि विधायकों के बारे में भी सर्वे करा रही है।
जिससे जिन क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति कमजोर हो, वहां अभी से काम शुरू कर दिया जाए। सामने आ रही खबरों के अनुसार हाल ही में खुद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इन तीनों ही राज्यों की स्थिति के बारे में आंकलन भी किया और फिर राज्य सरकारों को कुछ जनता से जुड़ी योजनाओं पर काम करने के भी निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में एक बार फिर शाह मध्यप्रदेश व अन्य दोनों राज्यों का भी दौरा करके वहां के संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठक करके जमीनी हकीकत का आंकलन करेंगे।
इन इलाकों पर रहेगा खास फोकस...
जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार गुजरात चुनाव के बाद अब पार्टी मध्यप्रदेश सहित दोनों ही राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस BJP Planing करना चाहती है। पार्टी ने खासतौर पर मध्यप्रदेश सरकार से कहा है कि वह संगठन के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में फीडबैक लेकर वहां आवश्यकतानुसार राहत योजनाएं लागू करें।
MP में ये चुनौतियां हैं सामने
जानकारों का मानना है कि पार्टी को लग रहा है कि अगर मध्यप्रदेश सहित इन तीनों राज्यों में यदि निगेटिव नतीजे आए तो उससे लोकसभा चुनाव से ऐन पहले उसके लिए माहौल खराब हो सकता है। चिंता की बात यह है कि जहां मध्यप्रदेश में भाजपा से कुछ वर्ग खास तौर पर नाराज दिख रहे हैं, वहीं बार बार शिवराज को लेकर परिवर्तन की खबरों ने भी कहीं न कही माहौल बिगाड़ा है।
Published on:
29 Jan 2018 05:32 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
