
Mohan Cabinet Big Decision: मोहन सरकार बिजली कंपनियों में छह हजार करोड़ का पूंजी निवेश करेगी। इससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आएगा। डेढ़ करोड़ से ज्यादा उपभोक्ताओं को लाभ होगा। केंद्र की रूसा योजना के तहत राज्य मद से कॉलेजों को करोड़ रुपए दिए जाएंगे। धान मिलर्स को बीते वर्षों की तरह प्रोत्साहन राशि 300 करोड़ रुपए और अपग्रेडेशन राशि 238 करोड़ रुपए मिलती रहेगी। लाभ 1050 मिलर्स को होगा।
सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार रात 8 बजे हुई कैबिनेट बैठक में प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सह्रश्वलीमेंट्री बजट और कुछ संशोधन विधेयकों को भी मंजूरी दी है। इन्हें 16 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक अनुमोदित सह्रश्वलीमेंट्री बजट करीब 10 हजार करोड़ का होगा, जबकि दो विधेयक और एक जन विश्वास विधेयक को मंजूरी दी है।
नगरीय निकायों व जिला पंचायतों से जुड़े दो संशोधन विधेयकों में नगरीय निकायों, नगर निगम के अध्यक्षों और जिला व जनपद पंचायतों के अध्यक्षों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दो साल की बजाए तीन साल की अवधि में लाने और हटाने के लिए तीन चौथाई बहुत को जरुरी किया है।
वहीं जन विश्वास विधेयक में जनता से जुड़े जुर्माना आदि की प्रक्रिया को सरल बनाया है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि बिजली कंपनियों को सरकार कर्ज लेने के लिए गारंटी देती थी। ब्याज आदि की भरपाई करने में बड़ी पूंजी बैंकों को देनी पड़ती थी। अब केंद्र की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत 6 हजार करोड़ पूंजी निवेश के रूप में दिए जाएंगे। यह राज्य का 40त्न अंश होगा। इससे कंपनियां ब्याज की जो रकम बैंकों को देती हैं, वह बचेगी।
कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, 26 दिसंबर को पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। जनकल्याण अभियान, जनकल्याण पर्व भी मनाया जाएगा। मंत्री अपने प्रभार और गृह जिलों में विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लें। शिविरों में व्यवस्थाएं मंत्रीगण द्वारा सुनिश्चित की जाएं। सीएम ने पीएम से हुई मुलाकात की जानकारी दी। यह भी बताया कि नर्मदापुरम इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 31 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
- 8736 करोड़ से स्मार्ट मीटर लगाने के काम होंगे। 10 हजार करोड़ रुपए से तकनीकी व वाणिज्यिक हानि कम करने के काम।
कॉलेजों में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) योजना के तहत काम होना है। इसके लिए राज्य ने अपने हिस्से की राशि को देने की मंजूरी दे दी है।
धान मिलर्स ने बकाया प्रोत्साहन समेत घाटे की भरपाई करने संबंधी मांग रखी थी। सरकार ने इसे पूरा करने संबंधी प्रस्ताव मंजूर कर सभी जरूरत भुगतानों पर सहमति दे दी है।
मिलर्स को खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में खरीदी धान की मिलिंग पर प्रति क्विंटल 10 और प्रोत्साहन राशि 50 रुपए दी जाएगी। 20त्न परिदान एफसीआइ को करने पर 40 और 40त्न परिदान करने पर 120 रुपए प्रति क्विंटल अपग्रेडेशन राशि दी जाएगी।
Updated on:
12 Dec 2024 07:48 am
Published on:
11 Dec 2024 12:41 pm
