
Monitoring Committee for Sambalal Scheme constituted
सीहोर/बुदनी। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, हां, मैं मदारी हूं, जो ऐसा डमरू लेकर घूमता है कि गरीबों के बिजली के बिल माफ हो जाते हैं, गरीबों के मकान बन जाते हैं, बच्चों की फीस भर जाती है। बहन जब किसी बेटा-बेटी को जन्म देती है तो प्रसूति सहायता देता हूं और लड्डू खाने के 12 हजार रुपए भी भिजवाता हूं। शिवराज ने यह बात सीहोर जिले के बुदनी में राज्य स्तरीय रोजगार, स्वरोजगार सम्मेलन में कही।
इससे पहले कमलनाथ ने भोपाल में सीएम का नाम लिए बिना कहा था कि मदारी की तरह घोषणाएं हो रही हैं। इनके लिए न तो बजट है और न ही आधार। यह तो जनता को गुमराह करने की कलाकारी है।
वहीं दूसरी तरफ नरेंद्र सिंह तोमर ने किया कांग्रेस पर वार...
केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस के जो नेता इस बार चुनावी मैदान में हैं, वे कोई नया चेहरा नहीं हैं, जो करिश्मा कर देंगे। ये वही पुराने चेहरे हैं, जिनके होते हुए कांग्रेस हारती रही है। बस वे नए कपड़े पहन कर आ गए हैं। जनता सब कुछ समझती है।
उन्होंने कहा, कांग्रेस के इन नेताओं ने पिछले चुनाव में भी मध्यप्रदेश में प्रचार किया। कोई राजस्थान में व्यस्त नहीं था। इसलिए उनकी सक्रियता पर भाजपा को चिंता करने की जरूरत नहीं है। चुनाव में जनता भाजपा और शिवराज सिंह चौहान पर विश्वास व्यक्त करेगी। तोमर ने यह बात यहां पत्रिका कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कही।
तोमर ने कहा, स्वाभाविक चर्चा होती है कि प्रदेश में एंटी इनकंबेंसी है। हकीकत में एेसी स्थिति नहीं है। मैं स्वीकार करता कि चूक कहीं भी हो सकती है और इसकी गुंजाइश रहती है।
सीएम की प्रदेश की योजनाओं पर सीधे नजर रहती है और इसीलिए क्रियान्वयन सही होता है। पैसा विकास की बजाए स्मार्ट फोन या साड़ी पर खर्च करने के सवाल पर तोमर ने कहा, सरकार की भूमिका दो होती है। पारदर्शिता से कर संग्रहण और इसे योजनाओं से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना।
जनता पहले जैसी नहीं
गठबंधन के सवाल पर तोमर ने कहा, मोदी का नेतृत्व देश में स्थापित नेतृत्व है और जनता का उसमें अटूट विश्वास है। जनता को आशा है कि मोदी देश को सही दिशा में ले जाएंगे। देश की जनता वैसी नहीं है, जैसी पहले के चुनावों में हुआ करती थी। कंागे्रस के साथ क्षेत्रीय दल गठबंधन करते हैं, तो उसका कोई असर न तो तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों पर और न ही लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा।
मेरी भूमिका...
तोमर ने कहा, आजकल राजनीति में जो बोलता हूं उस पर भरोसा कम करते हैं, लेकिन यह सही है कि 40 साल के राजनीतिक कॅरियर में पार्षद, विधायक से लेकर केंद्रीय मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के पद पर रहा।
एक-दो पद एेसे बचे होंगे, जिन पर मैं नहीं रहा। भोपाल से चुनाव लडऩे के बारे में उन्होंने कहा, मेरी भूमिका पार्टी तय करती है। भविष्य में कहां से चुनाव लड़ूंगा, यह मैं नहीं, पार्टी तय करेगी।
...तो बदल दिए जाएंगे टिकट :
तोमर ने कहा, चुनाव में किसको टिकट मिलेगा, इस पर समिति विचार करेगी। इसके पास सर्वे, फीडबैक व विधायकों के रिपोर्ट कार्ड होते हैं। इसी आधार पर टिकट तय होते हैं। विधायक की जीत तय नहीं होगी तो पार्टी टिकट बदल देगी। पार्टी में 70 साल की उम्र का फार्मूला नहीं है।
जीतने वाले को टिकट देंगे। पिछले चुनाव में शिवराज-तोमर और मेनन के विनिंग कांबिनेशन के सवाल पर कहा, भाजपा में न तो प्रतिस्पर्धा है न ही अस्तित्व की रक्षा करने का प्रश्न है। सभी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। तोमर ने कहा, नेतृत्व शिवराज का है, लेकिन चुनाव संगठन ही लड़ेगा।
Published on:
5 Aug 2018, 7:36 AM IST
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