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Breaking: मध्यप्रदेश विधानसभा की नियुक्तियां हुई स्थगित…

पत्रिका ने उठाया था मुद्दा...
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भोपाल

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Deepesh Awasthi

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Updated: 3 Aug 2018, 5:31 PM IST

NEWS

Proposal for Chhindwara division

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में हुई नियुक्तियों को निरस्त कर दिया गया है। इन्हें निरस्त करने के निर्देश विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार यह निर्णय विधानसभा अध्यक्ष ने उपाध्यक्ष से चर्चा के बाद लिया। इस मामले को पत्रिका ने उठाया था। जिसके सामने आने के बाद ये प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन गया था।

मध्यप्रदेश विधानसभा नियुक्तियों पर ये है पूरा मामला...
दरअसल कुछ समय पहले ही मध्यप्रदेश विधानसभा में गुपचुप तरीके से नियुक्तियां का मामला प्रकाश में आया था। इस मामले में चौंकाने वाली यह थी कि सचिवालय ने विज्ञापन जारी न कर नोटिस बोर्ड पर ही सूचना लगा दी। और आवेदन बुला लिए। विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा को पत्र लिखकर सलाह दी है कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए।

विधानसभा में दो दर्जन से अधिक पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं। इसमें सभी पद तृतीय श्रेणी हैं। नियुक्ति के मामले में नियमों को दर किनार किए जाने पर कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। सचिवालय नियुक्ति तो कर रहा है लेकिन इसके लिए विज्ञापन प्रकाशित कर आवेदन नहीं बुलाए गए।

आमतौर पर तृतीय श्रेणी पदों की नियुक्ति के लिए प्रोफेशनल एक्जामनेशन बोर्ड (पीईबी) चयन परीक्षाएं लेता है, लेकिन यहां के लिए एेसा नहीं हो रहा है। आरक्षण नियमों का पालन नहीं होने के आरोप भी लगे हैं। यहां हो रही नियुक्तियों में दिव्यांग के लिए आरक्षण नहीं है।

उपाध्यक्ष ने यह लिखा था पत्र में...
विधानसभा सचिवालय में गोपनीय ढंग से नियुक्तियां की जा रही हैं। रिक्त पदों के संबंध में विज्ञापन जारी किया जाना चाहिए था, लेकिन एेसा नहीं किया गया। इस तरह की भर्ती प्रक्रिया से विधानसभा जैसे संवैधानिक संस्था की छवि धूमिल हो रही है।

जिससे प्रदेश के बेरोजगार युवाओं में रोष होगा। इस भर्ती प्रक्रिया में योग्य उम्मीदवारों की सेवाएं लेने से सचिवालय वंचित रहेगा। एेसी भर्ती प्रक्रिया से कोई बेरोजगार न्यायालय की शरण में अथवा लोकायुक्त आदि संस्थाओं में शिकायत कर सकता है। इससे विधानसभा सचिवालय की स्थिति शंका के दायरे में आ जाएगी।

वहीं उस समय मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा का कहना था कि नियुक्तियों में नियम प्रक्रिया का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। रोजगार कार्यालयों से नाम मंगाए गए हैं। उपाध्यक्ष को शायद गलत जानकारी मिली है। उन्हें कोई गलतफहमी है तो उसे दूर कर दिया जाएगा।

शुक्ला कांग्रेस में...
वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की मौजूदगी में आज यानि शुक्रवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के सेवानिवृत्त अपर सचिव बिंदेश्वरी प्रसाद शुक्ला ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
शुक्ल पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रामकिशोर शुक्ल के पुत्र हैं। नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि शहडोल जिले के ब्यौहारी विधानसभा सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में शुक्ल के आने से कांग्रेस मजबूत होगी।