
उच्च शिक्षा विभाग के रिटायर्ड शिक्षकों को पैसों के लिए लंबा इंतजार (photo-patrika)
Teachers- एमपी में कर्मचारी, अधिकारियों को छुट्टियों के पैसे नहीं मिल रहे हैं। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर शिकायत की गई है। प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग में यह स्थिति है। विभाग के रिटायर्ड शिक्षकों को बची हुई छुट्टियों के पैसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अब प्राध्यापक संघ आगे आया है। संघ ने ऐसे मामलों पर नाराजगी जताते हुए अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा और सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं।
राज्य सरकार ने सितंबर 2024 में साफ निर्देश दिए थे कि पुराने मामलों के लिए ऑनलाइन व्यवस्था बनाई जाए और 15 दिन में जांच कर मंजूरी दी जाए
प्राध्यापक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार ने सितंबर 2024 में साफ निर्देश दिए थे कि पुराने मामलों के लिए ऑनलाइन व्यवस्था बनाई जाए और 15 दिन में जांच कर मंजूरी दी जाए। स्पष्ट निर्देशों के बाद भी अब तक कुछ नहीं किया गया है।
हालत यह है कि शिक्षकों के आवेदन रिटायर होने के बाद ही लिए जा रहे हैं, जिससे उन्हें एक साल या उससे ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष प्रो. आनंद शर्मा ने बताया, हमने मांग की है कि कॉलेज स्तर पर ही फैसले लिए जाएं और प्राचार्यों को अधिकार दिए जाएं,ताकि शिक्षकों को पैसों के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़े।
इधर उच्च शिक्षा विभाग ने आधुनिक तकनीक की दिशा में अहम कदम उठाया है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सरकारी कॉलजों में कार्यरत ग्रंथपालों को अब पारंपरिक पुस्तकालय व्यवस्था से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीक आधारित स्मार्ट लाइब्रेरी की दिशा में तैयार किया जाएगा। इसके लिए उन्हें बाकायदा प्रशिक्षित किया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार सरकारी कॉलजों के ग्रंथपालों के लिए राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्था (निटर) द्वारा 20 से 25 अप्रैल तक छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण का विषय 'फ्रॉम ट्रेडिशनल टू स्मार्ट लाइब्रेरीज अ मॉडर्न अप्रोच' रखा गया है। इसमें पुस्तकालयों के डिजिटल संचालन, ई-संसाधनों के उपयोग और नई तकनीकों के समावेश पर विशेष जोर रहेगा।
Published on:
17 Apr 2026 01:13 pm
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