30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लगाए कोरोना में लापरवाही बरतने के आरोप, पूछा- 20% मौतों का जिम्मेदार कौन?

प्रोटेम स्पीकर को नहीं संवैधानिक समितियों के गठन का अधिकार,सरकार फुल टाइम स्पीकर का चुनाव कराने सत्र बुलाये- नर्मदा प्रसाद प्रजापति

2 min read
Google source verification
news

कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लगाए कोरोना में लापरवाही बरतने के आरोप, पूछा- 20% मौतों का जिम्मेदार कौन?

भोपाल/ विधानसभा के पूर्व स्पीकर और कांग्रेस नेता एनपी प्रजापति ने भाजपा सरकार पर कोरोना में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि, जांच और इलाज तय समय पर न होने से कोरोना के 20% मरीजों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि, ये लापरवाही ही है कि, अब तक प्रदेश में 1065 मौतें हो चुकी हैं। सरकार की तैयारियां कोरोना से निपटने के लिए नाकाफी साबित हुईं। अगर विधानसभा स्तर पर मॉनिटरिंग की गई होती तो आज ये आंकड़ा सामने न आया होता। इसकी जवाबदारी भाजपा सरकार पर है।

पढ़ें ये खास खबर- 15 August : शनिवार सुबह 6 से 12 बजे तक शहर के ये मार्ग किये जाएंगे डायवर्ट, भारी वाहन रहेंगे प्रतिबंधित


गुरुवार को जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार

बता दें कि, मध्य प्रदेश में कोरोना की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है। बीते 24 घंटों के दौरान गुरुवार रात को प्रदेश में कोरोना के रिकॉर्ड 1014 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, प्रदेश में अब तक कोरोना के 42618 हो चुके हैं। जबकि, अब तक प्रदेश में 1065 मौते हो चुकी हैं। जो बड़ी चिंता का विषय हैं।

प्रोटेम स्पीकर पर उठाए सवाल

पूर्व स्पीकर प्रजापति के मुताबिक, विधानसभा में संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों के आधार पर कार्यवाही होती है, जो नियम-कानून और परंपराओं से चलती है। उसमें फैसले चुने हुए स्पीकर के जरिए लिए जाते हैं। प्रोटेम स्पीकर फैसला नहीं करता। प्रोटेम स्पीकर चुने हुए नहीं हैं, अगर वो कुछ भी अलग करते हैं तो वो गैरकानूनी है। सचिवालय को उन्हें रोकना चाहिए।

पढ़ें ये खास खबर- नहीं आया कोई सफाई कर्मी, कलेक्टर-विधायक और डॉक्टरों ने की शहर की सफाई


समिति गठन पर उठे सवाल

विधानसभा समितियों के गठन को लेकर पूर्व स्पीकर एनपी प्रजापति ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, असल में सरकार ने विधानसभा की नई समितियों के बनाने की कवायद शुरू कर दी है। विधानसभा सचिवालय द्वारा सभी दलों को पत्र लिख दिया है। इसके पहले जो समितियां गठित की गई थीं, उसमें कांग्रेस का दबदबा था। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद समितियों के गठन में भी इसका असर दिखेगा।

Story Loader