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कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को मिली जमानत, 22 दिनों से थे फरार

22 दिनों से फरार कांग्रेस एमएलए को मिली जबलपुर हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत...।

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भोपाल

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Manish Geete

Nov 27, 2020

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भोपाल। 22 दिनों से फरार कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को अंततः जमानत मिल गई। इससे दो दिन पहले हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था और जमानत पर फैसला नहीं हो पाया था। हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिलने के कारण भोपाल की जिला अदालत में भारी पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया था, माना जा रहा था कि आरिफ मसूद कभी भी सरेंडर कर सकते हैं, लेकिन फरार चल रहे आरिफ मसूद को अब सरेंडर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इससे पहले जबलपुर हाईकोर्ट ने एक दिसंबर तक के लिए कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की जमानत पर फैसला टाल दिया था। उन पर धार्मिक भावना भड़काने का मामला दर्ज था।

तीन दिनों से भोपाल में थी सरगर्मी

इससे पहले बुधवार को दिनभर भोपाल की जिला अदालत में हलचल रही। प्रशासन ने मसूद की गिरफ्तारी को लेकर अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर ली थी। माना जा रहा था कि यदि हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिलती है तो वे जिला अदालत में आत्मसमर्पण कर सकते हैं।

यह है मामला

तलैया पुलिस के अनुसार भोपाल की मध्य विधानसभा से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद समेत 7 लोगों के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने का मामला थाने में दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने 6 लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। अब इस मामले मे आरिफ मसूद की गिरफ्तारी होना बाकी है। वे पिछले कुछ दिनों से फरार चल रहे हैं। पुलिस ने उनके कई ठिकानों पर दबिश भी दी, लेकिन वे नहीं मिले। आरिफ मसूद के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी है। जिला कोर्ट से आरिफ मसूद का जमानती आवेदन खारिज होने के बाद उन्होंने जबलपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसकी बुधवार को जबलपुर में सुनवाई चल रही है। इससे कुछ दिन पहले ही मसूद पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने उनके खानूगांव स्थित कालेज के अवैध निर्माण को ढहाने की कार्रवाई की थी।

फ्रांस के राष्ट्रपति का जलाया था पुतला

भोपाल की मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद बगैर अनुमति भीड़ एकत्रित कर इकबाल मैदान में फ्रांस का झंडा और वहां के राष्ट्रपति का पुतला जलाने का आरोप है। विधायक ने अपने भाषण में कहा था कि केंद्र और राज्य की हिन्दूवादी सरकार के मंत्री भी फ्रांस के कृत्य का समर्थन कर रहे हैं। हम फ्रांस के साथ हिन्दुस्तान की सरकार को भी चेतावनी देते हैं कि यदि सरकार ने फ्रांस का विरोध नहीं किया तो हम हिन्दुस्तान में ईंट से ईंट बजा देंगे। इस मामले में पुलिस ने धारा 144 और धार्मिक भावनाएं भड़काने की धाराओं में विधायक समेत 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।