
भोपाल. रख-रखाव नहीं होने से प्रदेश की दस सड़कों की हालत खराब हो गई। ऐसा तब है, जब इन सड़कों की मरम्मत के नाम पर कंपनियां लोगों से पैसे वसूल रही थीं। इस लापरवाही के चलते मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) ने एसएएल ग्रुप और रैमकी कंपनी को टर्मिनेट कर दिया है। चार सड़कों की देखरेख करने वाली कंपनियों को नोटिस दिया गया है।
एसएएल ग्रुप एक साल से 5 सड़कों के रख-रखाव करने से पीछे हट रहा है। इस लापरवाही पर हाल ही में एमपीआरडीसी ने कंपनी द्वारा पांच सड़कों पर वसूले जा रहे टोल को सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा रैमकी को भी टर्मिनेट किया गया है, यह सीहोर-इछावर की सड़क का रख-रखाव कर रही थी।
बसूली नहीं होने की दी दलील
कंपनियां कुछ सड़कों के रख- रखाव और टोल से छुटकारा चाहरही हैं। कंपनियों ने मरम्मत पर लगने वाली राशि के अनुसार वसूली नहीं होने की दलीलें एमपीआरडीसी को दी हैं। कंपनियां चाह रही हैं कि एमपीआरडीसी अनुबंध के अनुसार राशि वसूलने के बाद जिम्मेदारी से मुक्त कर दे।
भोपाल बाइपास के टोल की होगी नीलामी
भोपाल बाइपास रोड के टोल की भी नीलामी की जाएगी। एमपीआरडीसी ने एक साल पहले इस सड़क के ठेकेदार को सस्पेंड किया था। तब से इस रोड के रख-रखाव का काम एमपीआरडीसी खुद कर रहा है और इसके दले में टोल टैक्स की भी वसूल कर रहा है।
पीछा छूड़ा रहीं कंपनियां
एसएएल ग्रुप की सागर-दमोह, दमोह-जबलपुर, महू-घाटाबिल्लौद, बीना-खिमलासा-मालथौन और भिंड मियोना-गोपालपुर की सड़कें हैं। वही रैमकी कम्पनी की सीहोर-इछावर सड़क हैं। इन सड़कों से कम्पनियां जिनमें लेवड़-मानपुर, इंदौर-उज्जैन, बीना-कुरवाई-सिरोंज और लखनादौन-घंसौर पीछा छुड़ाना चाहती हैं। प्रदेश में चार अन्य सडकों की भी मरम्मत नहीं हो रही है। संबंधित ठेकेदारों को करने के लिए एक माह का समय दिया गया है।
Published on:
11 Aug 2021 03:42 pm
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