
इंस्टाग्राम पर दिखा निवेश ऑफर..! link क्लिक करते ही उड़ गए 49 लाख रुपए, ऑनलाइन ठगी का शिकार हुई महिला बैंक कर्मी...(photo-patrika)
Cyber Crime in MP: डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी और अन्य तरीकों से लोगों को ऑनलाइन लूटने वाले साइबर ठगों की जडे़ं प्रदेश में गहरी हो गई हैं। 2022 से 2024 तक ठगोरों ने लूटे 530 करोड़ रुपए को पुलिस से बचाने के लिए प्रदेश में 2.21 लाख फर्जी खाते खुलवाए। इन खातों से ही पहले ठगी के रुपए ट्रांसफर किए।
फिर दुबई, म्यांमार, जॉर्जिया तक ट्रांजेक्शन किए। खातों को खुलवाने की रफ्तार इतनी तेज रही कि 2022 में जहां 187 म्यूल खाते थे, 2024 में बढ़कर 2,14,016 हो गए। 2022-24 तक 2.21 लाख फर्जी खाते खोले। राज्य साइबर सेल ने जांच की तो, फर्जी खातों के आंकड़े ने नींद उड़ा दी। खास यह कि ज्यादातर खाते ग्रामीण क्षेत्रों में खुलवाए।
बताते हैं, म्यूल खातों की संख्या जिस गति से बढ़ी है, उससे इस साल ऐसे खातों की संख्या 4.50 लाख पार होेने की आशंका है। पुलिस ने ठगी की जांच के दौरान 2022 से 2024 तक ठगे गए 530 करोड़ में से 52.85 करोड़ रुपए फ्रीज किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि 11 शहरों के ग्रामीण क्षेत्रों में दलाल के जरिए विद्यार्थी व किसानों को 10 हजार रुपए हर माह देने का लालच देकर खाते खुलवाए गए। फिर खाते का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में लिया।
साइबर सेल का कहना है, ठग म्यूल खाते का इस्तेमाल सबसे ज्यादा कर रहे हैं। साइबर सेल ने 11 हॉट स्पॉट भोपाल-इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, मुरैना, शिवपुरी, रीवा, सतना, कटनी, सिंगरौली को चिह्नित किया है। यहां ज्यादा म्यूल खाते इस्तेमाल किए गए।
अप्रेल में सिंगरौली से 8 लोगों की गैंग पुलिस ने पकड़ी। वे गांवों में विद्यार्थी, किसान व अन्य के नाम पर खाता खुलवाकर उन्हें हर माह रुपए देने का लालच देकर खाते खरीदते थे। रायपुर का दलाल खाता खरीदने का काम करता था।
भोपाल से 6 साइबर ठगों का गिरोह पकड़ाया। गिरोह ने 300 नाबालिगों के आधार कार्ड से कई खाते खोले। उन्हें १० हजार रुपए प्रतिमाह किराये पर बेचकर दो करोड़ रुपए कमाए। देश 6 शहरों में उनका नेटवर्क मिला।
मध्य प्रदेश में म्यूल खाते बढ़े हैं। इन पर नियंत्रण के लिए साइबर पुलिस विशेष रणनीति पर काम कर रही है।
- प्रणय नागवंशी, एसपी, स्टेट साइबर सेल
Published on:
19 May 2025 03:10 pm

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