
Cyber fraud (सीएम विजय थलापति के नाम से एमपी में साइबर फ्रॉड Photo Source- Patrika)
MP News : साइबर ठग लोगों से रुपए ऐंठने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। यहां तक कि प्रतिष्ठित लोगों के नाम और नंबर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। अब तक हम ओटीपी, पुलिस या कस्टम, सीआइडी, सीबीआइ जैसी जांच एजेंसियों के अधिकारियों के नाम सहित अन्य तरीकों से ठगी के मामले सुनते और पढ़ते आ रहे थे। ताजा मामला तमिलनाडु के सीएम और दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार विजय थलापति से जुड़ा है।
दरअसल, साइबर ठगों के गिरोह ने सोशल मीडिया पर विजय थलापति की तस्वीर लगाकर एक मैसेज और ऑडियो क्लिप जारी की है। इसमें ठगों ने लिंक और वॉट्सऐप नंबर जारी किया है। यदि कोई भी इस लिंक पर क्लिक करे या वॉट्सऐप नंबर पर कॉल करे तो तुरंत उसके बैंक खाते की सारी जानकारी ठगों तक पहुंच जाएगी और खाता पलभर में खाली हो सकता है। राजधानी भोपाल समेत मध्य प्रदेश के कई शहरों से इस तरह की ठगी से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं।
लोगों को ठगी का शिकार बना रहे ऑडियो क्लिप में कहा जा रहा है कि, सीएम विजय थलापति बात कर रहा हूं। किसी भइया, बहना गरीब को घर बनाना हो या बिजनेस करना है या हेल्प चाहिए तो लिंक पर क्लिक करके कॉल लगा सकते हैं। किसी को एक से तीन लाख तक रुपए चाहिए तो केवल वॉट्सएप पर कॉल करें।
साइबर पुलिस के अनुसार, ठगों के नए पैंतरे में लोगों से पहले की तरह ओटीपी दर्ज कराया जाता है। लोग यह समझकर दोबारा या तीसरी बार ओटीपी डाल देते हैं कि पहली बार प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि हर बार जितने अंक लिखते हैं, उतने ही ट्रांजेक्शन हो जाते हैं और देखते ही देखते लाखों रुपए निकल जाते हैं। इस तरीके से 50 लाख रुपए से अधिक की ठगी हो चुकी है।
पिपलानी व बागसेवनिया क्षेत्र के दो लोगों से अलग-अलग तरीकों से 6.92 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पिपलानी थाना क्षेत्र के उमेधा कॉ्ह्रश्वलेक्स निवासी हरि प्रसाद के साथ 13 जून को साइबर ठगी हुई। अज्ञात आरोपी ने उन्हें एक फर्जी ङ्क्षलक भेजी। फरियादी ने जब लिंक पर क्लिक किया तो बैंक खाते से 3 लाख 94 हजार 697 रुपए निकल गए। ठगी का पता चलने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत की। वहीं, एक अन्य मामले में बागसेवनिया थाना क्षेत्र के दीक्षा नगर निवासी राजेश सराठे को ठगों ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर क्रेडिट कार्ड अपडेट करने का झांसा दिया। फिर जरूरी जानकारी हासिल कर ली और उनके खाते से 2.98 लाख रुपए निकाल लिए। पुलिस का कहना है कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें और फोन पर बैंक या क्रेडिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी से ओटीपी, पिन, सीवीवी या बैंक संबंधी जानकारी भी कभी साझा न करें। किसी भी नेता, अधिकारी या संस्था के नाम से आने वाले मदद संबंधी संदेश की पहले पुष्टि कर लें, अन्यथा आप जाल में फंस सकते हैं।
Updated on:
20 Jul 2026 10:13 am
Published on:
20 Jul 2026 10:13 am
