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प्रदर्शन : छात्राओं ने की ऊंचाई में छूट की मांग

कांस्टेबल लिखित परीक्षा में चयनित छात्राओं ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय के पास प्रदर्शन किया

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भोपाल। पुलिस भर्ती में छात्राओं को ऊंचाई में छूट देने की मुख्यमंत्री की घोषणा पर सात महीने बाद भी पालन नहीं होने से कांस्टेबल लिखित परीक्षा में चयनित छात्राओं ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय के पास प्रदर्शन किया। पुलिस भर्ती में कांस्टेबल के लिए 158 सेमी ऊंचाई का मानक है। मुख्यमंत्री ने कांस्टेबल रिजल्ट आने के बाद अक्टूबर माह में लड़कियों के लिए ऊंचाई के मापदंड में छूट देने की घोषणा की थी।

ऊंचाई में मामूली अंतर से बाहर होने का डर चयनित छात्राओं को सता रहा है। छात्राओं का कहना है कि मेडिकल में पूछताछ करने पर डॉक्टर्स ने आदेश नहीं होने पर किसी भी तरह की छूट देने से इंकार किया है, कुछ ही दिनों में मेडिकल की बारी आने वाली है, ऐसे में हम मौके से वंचित रह जाएंगी। सीएम ने जो घोषणाएं की हैं, उन्हें तत्काल पूरा करवाकर आदेश जारी किए जाने चाहिए।

मेस बंद , धरने पर बैठे छात्र

वहीं भोपाल में आदिवासी छात्रावासों में दो माह के लिए मेस बंद कर दिए गए हैं। इससे तीन सौ से ज्यादा छात्रों पर खाने का संकट खड़ा हो गया है। छात्रों ने इस संबंध में पीएस से लेकर कलेक्टर तक को ज्ञापन सौंपा, लेकिन पांच दिन में कोई हल नहीं निकला तो सोमवार को छात्र धरने पर बैठ गए। इस मामले में विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें साल में सिर्फ 10 माह के राशन का कोटा मिलता है जिसे वे मेस संचालक को जारी कर चुके हैं। शासन के नियम में मई जून में मेस बंद करने का प्रावधान है।

रेलवेकर्मी आज से भूख हड़ताल पर

इधर भोपाल में ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन (एआइआरएफ) के आह्वान पर वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के बैनर तले रेलवे के दर्जनों कर्मचारी मंगलवार से तीन दिवसीय भूख हड़ताल करेंगे। भोपाल रेलवे स्टेशन पर आरक्षण कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। देश भर में सभी मंडल मुख्यालयों में प्रदर्शन होगा। डब्ल्यूसीआरइयू की मुख्य मांगों में एनपीएस हटाने, पुरानी गारंटेड पेंशन, फैमिली पेंशन बहाल करने, न्यूनतम वेतन एवं फिटमेंट फार्मूले में किए गए आश्वासन के अनुरूप तत्काल सुधार करने जैसी मांगें शामिल हैं। रेलों के निजीकरण-निगमीकरण की नीति पर रोक लगाने, रनिंग स्टाफ के माइलेज-किलोमीटर एलाउंस का रिवीजन करने और वर्कशॉप स्टाफ के लिए 7वें वेतन आयोग के तहत वेतन पर इंसेंटिव दिए जाने की मांग रखी।