
Dense fog from North India to Madhya Pradesh. मध्यप्रदेश में हर दिन बदल रहे मौसम ने मंगलवार को सुबह पूरे प्रदेशवासियों को चौंका दिया। देर रात से शुरू हुआ कोहरा बढ़ने का सिलसिला मंगलवार को इतना बढ़ा कि विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि चंद मीटर दूर की चीजें नजर नहीं आ रही हैं। कोहरा इतना घना है कि वाहन चालकों को धीमी रफ्तार से वाहनों की हैडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा है। इधर, घने कोहरे की वजह से उत्तर भारत से आने वाली फ्लाइट और ट्रेनों पर असर पड़ा है।
पूरा मध्यप्रदेश मंगलवार को भीषण कोहरे की चपेट में आ गया। मौसम विभाग ने मौसम बदलने की चेतावनी भी दी है। कोहरे की स्थिति यह है कि दिल्ली से लेकर मध्यप्रदेश तक कोहरा ही कोहरा छा गया। घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी भी 30 मीटर पहुंच गई है। प्रदेश के इंदौर, देवास, जबलपुर, कटनी, विदिशा, नीमच, छतरपुर, खजुराहो, सागर, रायसेन क्षेत्र में भी कोहरा छाया हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक 10 जनवरी तक उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने के कारण और अरब सागर में चक्रवाती हवाओं का घेरा बना होने के कारण बारिश और ओलावृष्टि भी हो सकती है। ज्यादा असर ग्वालियर और चंबल संभाग में दिखाई दे सकता है।
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ग्वालियर-चंबल में ज्यादा कोहरा
उत्तर भारत से लगे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भीषण कोहरा है। मुरैना से लेकर ग्वालियर तक विजिबिलिटी इतनी कम है कि 30 मीटर दूर का भी दृष्य नजर नहीं आ रहा है। ट्रेनें धीमी रफ्तार से चल रही है। वाहन चालक भी धीमी रफ्तार से हैडलाइट जलाकर चल रहे हैं। उत्तर भारत से लगे इस क्षेत्र में हर साल घना कोहरा छा जाता है। हर साल इस क्षेत्र में कोहरे और बादलों की वजह से कई दिनों तक धूप के दीदार नहीं होते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दो-चार दिनों तक ऐसी स्थिति रह सकती है।
राजधानी भोपाल भी कोहरे में छुप गई
उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं का असर राजधानी भोपाल तक देखने को मिल रहा है। हवाओं का रुख दक्षिणी होने और दक्षिण की तरफ से नमी आने की वजह से कोहरा छा गया है। राजधानी से गुजरने वाली ट्रेनें भी धीमी रफ्तार से चल रही है। वाहन चालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भोपाल शहर पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण नजारा हिल स्टेशन सा हो गया है।
उज्जैन में भीषण कोहरा
कोहरा का असर मालवा क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। मंगलवार को सुबह उज्जैन शहर भी कोहरे की आगोश में डूबा हुआ था। लोग सुबह उठे तो हैरान हो गए। उज्जैन की शान माने जाने वाला फ्रीगंज क्षेत्र कोहरे में डूबा था। सुबह कड़कड़ाती ठंड में लोग चाय की चुस्की और पौहे-जलेबी का लुत्फ लेते हुए नजर आए।
नर्मदापुरम से लेकर बैतूल तक कोहरा ही कोहरा
नर्मदा नदी के आसपास का क्षेत्र भी पूरी तरह से कोहरे में डूबा हुआ है। भोपाल से लेकर नर्मदापुरम तक कोहरा ही कोहरा छाया हुआ है। मंगलवार को सुबह नर्मदा ब्रिज से नर्मदा नदी दिखाई नहीं दे रही है। ट्रेन की रफ्तार भी धीमी चल रही है। ट्रेनें विलंब से चल रही है।
बैतूल तक छाया कोहरा
सतपुड़ा के जंगलों से लगा बैतूल क्षेत्र भी घने कोहरे की चपेट में है। मौसम विभाग का कहना है कि यह कोहरा फिलहाल दो से तीन दिनों तक रह सकता है। इस क्षेत्र में दो-तीन दिनों तक धूप के दीदार होना मुश्किल है।
खरगोन में भी कोहरा
निमाड़ अंचल का खरगोन जो हमेशा गरम रहता है, वहां भी कोहरा छा गया। सुबह जैसे ही लोग उठे तो कोहरा देखकर हैरान रह गए। निमाड़ अंचल में भी ठंड बढ़ रही है।
Updated on:
09 Jan 2024 12:31 pm
Published on:
09 Jan 2024 08:32 am
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