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अब इन डिजाइनर थालियों से पूजा

परम्परागत बर्तनों की पूजा में पीतल, तांबे की थाली पर हावी होती जा रहीं नई डिजाइनर थालियां
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भोपाल

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Shakeel Khan

Nov 02, 2018

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अब इन डिजाइनर थालियों से पूजा

भोपाल। धनतेरस पर सोना-चांदी के साथ पूजा के लिए नए बर्तनों में खासतौर थाली का महत्व ज्यादा होता है, जिसमें तांबे और पीतल की थालियों की जगह बाजार में इन दिनों पेंट और नग लगी थालियां नजर आ रही हैं। इनके कई नए ट्रेंड बाजार में हैं। परम्परागत थालियों से हटकर सजावट की दुकानों पर इन दिनों पूजा के लिए हल्की स्टील की थाली नजर आ रही हैं।


करवा चौथ पर तो बाजार इनकी डिमांड सबसे ज्यादा रही। मजे की बात यह है कि अच्छे स्टील, पीतल की थाली से भी इनकी कीमत दो गुना ज्यादा है, जबकि क्वालिटी की गारंटी एक दिन की भी नहीं दी जाती है। दुकानदारों का कहना है कि पूजा के लिए पीतल, तांबे की थालियों की जगह इसकी डिमांड ज्यादा है। यह कोई कंपनी नहीं बनाती है, बल्कि घरों में काम करने वाले कारीगर इसे अपनी पसंद के हिसाब से डिजाइन करते है।

जिसमें महिलाओँ की संख्या अधिक है। हल्की स्टील की थाली से लेकर टीन की थाली तक पर डिजाइन बनाकर इसकी बेहतर कीमत मिलने से उन्हे रोजगार मिल हुआ है। दुकानदारों ने बताया कि वह जमाना गया, जब लोग त्योहार के नाम पर बर्तन खरीदकर स्टोर करते थे। अब तत्काल आयोजन में दूसरे से बेहतर दिखने की होड़ के चलते इसकी मांग बड़ी है। दुकानों पर 150 रुपए से 600 रुपए तक की थाली है।

क्वालिटी पर खूबसूरती हावी

दिखने में ये भले ही खूबसूरत हों लेकिन क्वालिटी के मामले में परंपरागत थालियां इन पर भारी है। इतनी ही बड़ी थाली 100 से 200 रुपए में बेहतर मिल जाती है। इसके बाद भी लोग इसे खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे है। इसमें थाली की बनावट की कीमत होती है। उसकी लाइफ की गारंटी नहीं रहती है। लोग डिमांड पर भी इसे मंगा रहे हंै।

हैंडमेड डिजाइन से बड़ी मांग

इसे पूजा में ही नहीं रखते, बल्कि बर्तनों के नाम पर दीपावली के दिन पूजा करने के लिए इसे खरीदकर ले जाते रहे हंै। लोगों में इसका क्रेज बड़ा है। हैंडमेड होने के कारण यह मंहगी पड़ती है। इसकी सबसे अधिक डिमांड तो करवा चौथ के दिन थी। बाजार में स्टॉक ही खत्म हो गया था। इनके कारीगरों की मांग बढ़ रही है।