
Plastic Bags
भोपाल। मानव ने अपने भौतिक सुखों एवं इच्छाओं की पूर्ति के लिये इसके साथ निरंतर खिलवाड़ किया और वर्तमान समय में यह अपनी सारी सीमाओं की हद को पार कर चुका है। स्वार्थी एवं उपभोक्तावादी मानव ने प्रकृति यानि पर्यावरण को पॉलीथीन के अंधाधुंध प्रयोग से जिस तरह प्रदूषित किया और करता जा रहा है उससे सम्पूर्ण वातावरण पूरी तरह आहत हो चुका है। इसका प्रयोग सांस और त्वचा संबंधी रोगों के साथ ही कैंसर का खतरा भी बढ़ा रहा है। यह गर्भस्थ शिशु के विकास को भी रोक सकता है। पॉलिथीन को जलाने से निकले वाला धुआं ओजोन परत को नुकसान पहुंचा रहा है जो ग्लोबल वार्मिग का बड़ा कारण है। प्लास्टिक के ज्यादा संपर्क में रहने से लोगों के खून में थेलेट्स की मात्रा बढ़ जाती है। इससे गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पल रहे शिशु का विकास रुक जाता है और प्रजनन अंगों को नुकसान पहुंचता है। पॉलीथीन को अपने जीवन से दूर करने लिए आप इन तरीकों को भी अपना सकते है।
रियूजेबल वॉटर बोतल
गर्मी के मौसम में प्यास ज्यादा लगती है इसलिए पानी की बोतल ऐसी चुनें, जो रियूजेबल हो। केवल एक बार में ही प्रयोग करके फेंक दी जाने वाली बोतलें आपकी सुविधा के लिए तो सही रहती हैं लेकिन ये पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचाने का काम करती हैं। प्लास्टिक की बजाय आप स्टील की बोतलों का प्रयोग करें।
प्लास्टिक पैकिंग वाले फूड
ऐसे खाद्य पदार्थों को खरीदने से बचें, जो कि प्लास्टिक पैकिंग में उपलब्ध हों। इस तरह की अनावश्यक पैकिंग की बजाय आप चावल, दाल, पास्ता आदि को खुला खरीद सकते हैं। इससे आपके पैसों की भी बचत हो जाएगी। इसके अलावा मेटल के कैन और कार्डबोर्ड के बॉक्स में भी प्लास्टिक की कोटिंग होती है। इसलिए कांच के जार वाले सामान को खरीदें।
डिब्बाबंद जूस से बचें
ऐसे जूस जो कि प्लास्टिक की बोतलों या जार में आते हों उन्हें पीने से बचना चाहिए। प्लास्टिक के कप वाले दही को मार्केट से लाने की बजाय अपने घर में ठंडा, स्वादिष्ट और स्वच्छ दही जमाएं।
Published on:
05 Jun 2018 04:12 pm
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