
भोपाल. मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव के एक बयान के बाद ये नजर आ रहा है कि मध्यप्रदेश सरकार इस बार भी प्रदेश में छात्र संघ चुनाव कराए जाने के मूड में नहीं है। एक तरफ जहां नगरीय निकाय चुनाव संपन्न होने के NSUI और ABVP प्रदेश में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग उठा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा है कि अभी कोरोना का तीसरा दौर चल रहा है और कोविड की स्थिति सामान्य होने के बाद ही सीएम से छात्र संघ चुनावों के बारे में बात कर कोई फैसला लिया जा सकता है।
5 साल पहले हुए थे छात्र संघ चुनाव
बता दें कि मध्यप्रदेश के कॉलेज-यूनिवर्सिटी में 5 साल पहले साल 2017 में अप्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव हुए थे और तब से लेकर अभी तक छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं। मध्यप्रदेश में 8 सरकारी यूनिवर्सिटी हैं जबकि 1327 प्राइवेट और सरकारी कॉलेज हैं जिनमें क्लासेस शुरू हुए 1 महीने का वक्त बीच चुका है। बीते दिनों नगरीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया प्रदेश में संपन्न हुई है जिसके कारण अब छात्र संगठन एबीवीपी व एनएसयूआई दोनों ही ने छात्र संघ चुनाव कराए जाने की मांग उठानी तेज कर दी है।
प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव कराने की मांग
प्रदेश में पांच साल बाद एक बार फिर एबीवीपी और एनएसयूआई ने छात्र संघ चुनावों की मांगों को लकेर बीते दिनों मांग तेज की थी। दोनों ही छात्र संघठनों ने उच्च शिक्षा मंत्री व सरकार से प्रदेश में छात्र संघ चुनाव कराए जाने की मांग की थी। ABVP के प्रांत संगठन मंत्री प्रवीण शर्मा ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री और दूसरे नेताओं को लेटर लिखकर प्रदेश में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग की है। दोनों ही दल प्रदेश में छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने की मांग भी उठाते आए हैं। बीते दिनों जब राजस्थान में छात्र संघ चुनाव कराए जाने की घोषणा राजस्थान सरकार की ओर की गई तो मध्यप्रदेश में भी छात्र संघों को इस बात की उम्मीद जागी थी।
Published on:
06 Aug 2022 03:57 pm

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