
भोपाल। राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि पहले एक ही प्लाट को कई लोगों को रजिस्ट्रियां कर दी जाती थी, लेकिन ई-गवर्नेंस ने इस पर अंकुश लगाया है। आईटी और ई-गर्वनेंस से पूरे सिस्टम में पारदर्शिता आई है। उमाशंकर गुप्ता ने यह बात वर्ष 2015-17 के ई-गवर्नेंस उत्कृष्टता पुरस्कार वितरण समारोह में कही। इस मौके पर मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह भी उपस्थित थे। इस दौरान 40 से अधिक आइएएस अधिकारियों को पुरस्कृत किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकारी काम-काम ऑन लाइन होने से हम राजनेताओं को भी राहत मिली है। क्योंकि अब लोग सिफारिश करने आते हैं तो उन्हें यह बता दिया जाता है कि सारी चीजें ऑन लाइन है, इसमें कोई बदलाव की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस से शिकायतों में भी कभी आई है। पहले शिकायतों का अंबार लगा रहता था, लेकिन आज इस सिस्टम से राहत मिली है।
उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में नामांत्रण की प्रक्रिया आन लाइन करने को लेकर सिस्टम तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एमपी आन लाइन को इतनी सफलता मिली कि लोग अब उसे याद करने लगे हैं। अग्रवाल ने कहा कि नवीनतम तकनीकों के उपयोग से कार्यों में सरलता आयी है। उन्होंने बताया कि पुरस्कारों के चयन के लिये विषय-विशेषज्ञों की टीम गठित की गई थी। कुल 97 प्रविष्टि प्राप्त हुई थीं। इनमें से 27 का चयन किया गया है।
जानकारों ने बताया कि आवास योजना के नाम पर ठेकेदार लोगों को ठगी का शिकार बनारहे है। जिन्हे आवास की जरूरत है उन्हे आवास नहीं मिल पा रहा है। कई बार एक ही प्लाट को कई लोगों के नाम पर रजिस्ट्रियां कर दी जाती है। बाद में पता चलता है उस पर किसी दूसरे के नाम पर भी आवंटन हुआ था। कार्यक्रम में मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह भी उपस्थित थे। इस दौरान 40 से अधिक आइएएस अधिकारियों को पुरस्कृत किया गया।
Published on:
20 Sep 2018, 10:43 AM IST
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