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फिर कर्ज में एमपी, केंद्र सरकार ने किया इनकार, नहीं देगी ‘नल-जल योजना का हिस्सा’

MP News: 2023 में एमपी में 27,990 एकल नल-जल परियोजनाओं को मिली थी मंजूरी, तय बजट से ज्यादा हो गया खर्च, केंद्र के इनकार से एमपी सरकार की बढ़ी मुश्किलें....
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भोपाल

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Sanjana Kumar

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Updated: 3 Sep 2025, 12:22 PM IST

MP News

केंद्र की मोदी सरकार ने नल जल योजना में लगा बढ़ा हुआ खर्च देने से किया इनकार(फोटो: पत्रिका)

MP News: मध्य प्रदेश के गांवों में जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन 8,358 नल-जल परियोजनाओं का खर्च 2813.21 करोड़ बढ़ गया है। बढ़े हुए खर्च का हिस्सा केंद्र नहीं देगा। दरअसल, परियोजनाओं की वास्तविक लागत 6213.76 करोड़ थी, जो पुनरीक्षित आकलन में 9,26.97 करोड़ हो गई। केंद्र वास्तविक लागत 6213.76 करोड़ में से अपने हिस्से की 50 फीसदी राशि तय नियमों-शर्तों के तहत दे रहा है।

बारिश के बाद काम में आएगी तेजी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अतिरिक्त खर्च को वहन करने और परियोजनाओं के पुनरीक्षित प्रारूप के तहत काम कराने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बारिश बाद काम में तेजी आएगी। काम पूरा होने के बाद सात लाख परिवारों को पीने का साफ पानी मिल सकेगा।

केंद्र ने क्यों किया मना

परियोजनाएं मार्च 2024 के पहले से निर्माणाधीन हैं। जिन्हें पूर्व में ही पूरा किया जाना था। पुनरीक्षण 31 मार्च से पहले कर केंद्र को भेजना था। सरकार इसमें पिछड़ गई। सूत्रों के मुताबिक बाद में पुनरीक्षण हुआ। हालांकि अब भी केंद्र को पुनरीक्षण प्रस्ताव भेजा जाएगा। कैबिनेट निर्णयों की जानकारी देते हुए बढ़े हुए खर्च की मांग की जाएगी। यदि केंद्र सरकार राशि देने सहमत हो जाती है तो राज्य के 2,813 करोड़ बच जाएंगे।

15,947 का काम पूरा

2023 मेंप्रदेश में 27,990 एकल नल-जल योजनाओं (Nal Jal Yojana) को मंजूरी दी गई थी। तब 20,765 करोड़ खर्च होने थे। 148 समूह नल-जल योजना को भी मंजूर किया था। निर्माण पर 60,786 करोड़ खर्च होने थे। सरकार ने 15,947 परियोजनाएं पूरी कर दी हैं। 12,043 के काम जारी हैं। देरी से बढ़ेगी लागत इन नल-जल योजनाओं पर कुल 80 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।

समय पर काम नहीं हुए तो लागत बढ़ेगी। हालांकि सरकार का लक्ष्य है कि काम में देर न हो। 139 पर कार्रवाई परियोजनाओं में प्रदेश के 139 अधिकारी, कर्मियों और इंजीनियरों ने अपने-अपने स्तर पर गड़बड़ी की है। सरकार के संज्ञान में यह बात आते ही इन्हें चिह्नित किया है। वर्तमान में कार्रवाई जारी है। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट बैठक में ऐसे अधिकारी, कर्मचारियों व इंजीनियरों के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर भी चर्चा हुई।