CM शिवराज बोले : लड़कियों की शादी की उम्र 18 नहीं बल्कि 21 साल होना चाहिए, पोर्न फिल्मों को लेकर भी कही ये बड़ी बात

लड़कियों के विवाह की उम्र 18 नहीं बल्कि 21 साल हो- सीएम शिवराज।

By: Faiz

Published: 11 Jan 2021, 09:07 PM IST

भोपाल/ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को महिला अपराध के उन्मूलन में समाज की भागीदारी के लिए जागरुकता अभियान के कार्यक्रम में शामिल हुए इस दौरान उन्होंने अपने भाषण में कहा कि, देश में लड़कियों की शादी की उम्र 18 की बजाय 21 वर्ष होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि, ये एक मुद्दा है, जिसपर बहस होनी चाहिए। सीएम ने कहा कि, जब लड़के शादी के लिए लड़के की कम से कम उम्र 21 साल होना अनिवार्य है, तो फिर लड़कियों की परिपक्वता की उम्र 21 साल क्यों नहीं है। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश में हो रहे महिला अपराधों के आंकड़ों पर भी प्रजेंटेशन हुआ, जिसपर जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि, पोर्न फिल्मों से बच्चों में बढ़ रही अपराध की मानसिकता बढ़ रही है। इसे लेकर हर एक को 'आउट ऑफ बाक्स' सोचने की जरूरत है।

 

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पोर्न फिल्में मानसिकता खराब करती हैं- सीएम शिवराज

कार्यक्रम के बाद मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में संचालित कई पोर्न साइट्स पर प्रतिबंध लगाने जैसा कठोर कदम उठाया गया है। इसकी सीधी वजह ये ही है कि, ये पोर्न फिल्में मानसिकता खराब करती हैं। इस दिशा में प्रदेश सरकार भी हर संभव कदम उठाएगी, ताकि अपराधों में कमी आ सके। सीधी गैंगरेप की निर्दयी घटना के सवाल पर जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि, सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जल्द ही उन्हें कठोर सजा दिलाई जाएगी।

 

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लड़कियों की शादी की उम्र 21 करने को लेकर केंद्र ने बना चुका है टास्क फोर्स

आपको बता दें कि, पिछले साल के बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मुद्दे पर सदन में बात रखी थी। उन्होंने लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल करने के लिए टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की थी, जो लड़कियों की शादी की उम्र पर विचार कर रिपोर्ट पेश करेगी। 10 सदस्यीय टास्क फोर्स सांसद जया जेटली की अध्यक्षता में बनाई गई है, जो जल्द ही इसपर नीति आयोग को सुझाव पेश करेगी।

 

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ये है मौजूदा कानून के नुकसान

ये बात तो हम सभी जानते हैं कि, मौजूदा कानून के तहत लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल और लड़कों की शादी की उम्र 21 साल है। हालांकि, देश का बडा़ सामाजिक तबका मानता है कि, दोनों की उम्र 21 साल होनी चाहिए। अगर दोनों कमाने लायक हो जाएंगे, तो आर्थिक स्थिति भी अच्छी होगी और देश की अर्थव्यवस्था भी। उम्र बढ़ने से लड़की के पास समय होगा, जिसके चलते वो अपनी पढ़ाई भी पूरी कर सकेगी। अमूमन 21 साल तक युवती ग्रेजुएट हो जाएगी, फिर नौकरी करने के अवसर भी मिलेंगे। साथ ही साथ, देश का लिट्रेसी लेवल भी बढ़ेगा।

 

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कानून में किये जा चुके हैं 3 संशोधन

-साल 1929 में भारत में शारदा कानून के तहत शादी की न्यूनतम उम्र लड़कों के लिए 18 और लड़कियों के लिए 14 साल तय की गई थी।
-इसके बाद साल 1978 में संशोधन के बाद लड़कों के लिए ये सीमा 21 साल और लड़कियों के लिए 18 साल कर दी गई थी।
-बाल विवाह रोकथाम कानून 2006 के तहत इससे कम उम्र में शादी गैर-कानूनी करार देते हुए दोषी को 2 साल की सजा और 1 लाख रुपए का जुर्माना तय किया गया।

 

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