
crop insurance
भोपाल. फसल बीमा की राशि को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है, इस संबंध में सरकार ने सहकारी बैंकों को दिशा निर्देश दिए हैं, जिसके तहत अब बैंक किसानों की इच्छा के बगैर फसल बीमा की राशि से ऋण की कटौती नहीं कर पाएंगे, वहीं मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश देते हुए राज्य शासन ने कहा फसल बीमा दावे की राशि से केवल फसल के कालातीत ऋण- शेष मध्यावधि परिवर्तन ऋण कटौती किया जाएगा।
-शासन द्वारा सभी जिला सहकारी बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिए।
-किसानों के मर्जी के बिना बैंक उनके लोन की कटौती नहीं करेंगे।
-किसानों के खाते में प्राप्त होने वाली फसल बीमा दावे की राशि को केवल उनकी मर्जी से ही काटा जाएगा।
-राज्य शासन ने कहा फसल बीमा दावे की राशि से केवल फसल के कालातीत ऋ ण- शेष मध्यावधि परिवर्तन ऋ ण कटौती किया जाएगा।
-किसी भी चालू ऋण की कटौती बीमा दावे से नहीं की जाएगी और किसानों के खाते में जमा राशि पर भी बिना किसी कारण होल्ड नहीं लगाया जा सकेगा।
-यदि किसान अपनी सहमति से वार्षिक ऋण या अन्य कटौती कराना चाहते हैं तो बैंक किसानों की सहमति के अनुसार ही कटौती कर सकेंगे।
-बैंक ने किसानों के बीमा दावे की राशि में से अधिक कटौती की तो उसे वापस खाते में भेजा जाए।
-किसानों के खाते में निकासी पर किसी भी तरह का होल्ड ना लगाया जाए और लगे हुए होल्ड को तत्काल समाप्त किया जाए।
किसानों की ये शिकायत
जहां एक और सरकार द्वारा ये नियम लागू किए गए हैं। वहीं किसानों का कहना है कि बैंक द्वारा चालू वर्ष के दिनों में किसान बीमा राशि से कटौती की जा रही है। इस मामले में किसानों से सहमति भी नहीं ली जा रही है। निकासी पर होल्ड की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
Published on:
12 Mar 2022, 8:20 AM IST
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