
725 रुपए में होगी सीटी स्कैन, सभी के लिए एक समान रहेंगे रेट
नरसिंहपुर. जो सीटी स्कैन निजी अस्पतालों में 3 से 4 हजार रुपए में होती है, वही सीटी स्कैन अब सरकारी अस्पतालों में महज 750 रुपए में होगी, इसके लिए प्रदेश के करीब 51 जिलों में मशीनें लगाई जा रही है, इसका लाभ सभी प्रदेशवासियों को मिलेगा।
देर से ही सही पर आखिर जिला अस्पताल को सीटी स्कैन मशीन मिल ही गई। शासन ने प्रदेश के 51 जिलों में पीपी मोड से सीटी स्कैन लगाने की व्यवस्था की हैं। उसी के तहत यहां भी मशीन भेज दी गई है। इसे जिला अस्पताल के नजदीक खाली पड़े रेडक्रास भवन में स्थापित किया जा रहा है। शासन से अनुबंध के तहत सीटी स्कैन मशीन प्रदाता कंपनी के तकनीकी स्टाफ ने इसे इंस्टाल करने का काम शुरू कर दिया है। टेक्नीशियन अमित शर्मा ने बताया है कि मशीन इंस्टाल करने के बाद कक्ष का 72 घंटे का तापमान लेकर उसकी रिपोर्ट जर्मनी भेजी जाएगी। जिसके बाद इसे विधिवत चालू करने का निर्णय लिया जाएगा।
725 रुपए में सीटी स्कैन
जानकारी के अनुसार सीटी स्कैन निशुल्क नहीं किया जाएगा। इसके लिए मरीज को केवल 725 रुपए का भुगतान करना होगा। जो निजी सीटी स्कैन सेंटरों की तुलना में काफी कम है।
तीसरी लहर के बाद मिली मशीन
शासन और जन प्रतिनिधि यहां सीटी स्कैन मशीन स्थापित कराने के प्रति कितने प्रयत्नशील थे, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब कोरोना की दूसरी लहर में फेफड़ों के लिए सीटी स्कैन कराने के लिए लोग भटक रहे थे तब से लेकर एक साल बीत जाने के बाद यहां सीटी स्कैन मशीन मिल सकी है। बहरहाल सीटी स्कैन मशीन लगने से मरीजों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
राज्य सभा सांसद ने लिखा पत्र
जिन अस्पतालों में सांसद निधि से एक्सरे मशीनें दी गई हैं। उनमें मशीनों के संचालन के लिए ऑपरेटरों का इंतजाम करने के लिए राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी को पत्र लिखकर मशीनों के संचालन के लिए ऑपरेटरों का इंतजाम करने का अनुरोध किया गया है।
ऑपरेटर नहीं, धूल खा रहीं सांसद निधि से मिली डिजिटल एक्स-रे मशीनें
राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी ने सांसद निधि से सरकारी अस्पतालों के लिए मुहैया कराई गईं डिजिटल एक्सरे मशीनें धूल खा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग इनके लिए ऑपरेटर की नियुक्ति नहीं कर सका। सांसद सोनी ने सांसद निधि से गाडरवारा, करेली, सिंहपुर बड़ा, तेंदूखेड़ा, चीचली और साईखेड़ा के सरकारी अस्पतालों को ये मशीनें उपलब्ध कराई थीं। मशीनें इंस्टाल होने के बाद गाडरवारा, तेंदूखेड़ा और करेली के अस्पतालों में इन मशीनों के संचालन के लिए वैकल्पिक रूप से ऑपरेटर का इंतजाम किया, सांईखेड़ा, चीचली में ऑपरेटर न होने से मरीज इस सुविधा से वंचित हैं।
Published on:
11 Mar 2022, 4:58 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.