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साल 2026 में सरकार बढ़ाएगी पेंशन राशि, जल्द होगा फैसला

MP News: सरकार के दो साल: मंत्री कुशवाह-परमार और राज्यमंत्री पंवार ने बताई अपने विभागों की उपलब्धियां....

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social security pension amount

social security pension amount (Photo Source - Patrika)

MP News: नए साल 2026 में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वालों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार पेंशन राशि बढ़ाने का फैसला जल्द कर सकती है। सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने दावा किया है कि इस संबंध में विभागीय स्तर पर लंबे समय से प्रयास चल रहे हैं और फाइलें प्रक्रिया में हैं।

मुख्यमंत्री कभी भी निर्णय ले सकते हैं। वर्तमान में प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन विभिन्न श्रेणियों में दी जाती है, जिसमें अधिकतम राशि 600 रुपए प्रतिमाह है। राज्य अंशदान बढ़ने के बाद यह राशि 800 से 1200 रुपए तक किए जाने की संभावना है। मंत्री ने विभागीय उपलब्धियां भी गिनाईं, जिनमें दिव्यांगजनों के लिए रोजगार, सहायक उपकरण वितरण और स्मार्ट क्लास जैसी योजनाएं शामिल हैं।

कॉलेजों में हाजिरी अब सार्थक ऐप से

प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ाई और अनुशासन को सख्त बनाने के लिए सरकार अगले सत्र से विद्यार्थियों की उपस्थिति 'सार्थक ऐप' से दर्ज करेगी। इससे छात्र क्लास बंक नहीं कर पाएंगे। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि शोध को बढ़ावा देने के लिए सभी पीजी कॉलेजों में रिसर्च सेंटर बनेंगे। अतिथि विद्वानों को बाहर नहीं होंगे।

तकनीकी शिक्षा में एआइ और ड्रोन पढ़ाएंगे। सभी शासकीय तकनीकी संस्थानों में 'डिजिटल सेल' होगा। आयुष के सभी कॉलेज 100 सीटर होंगे और उज्जैन में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किया जाएगा। इससे आयुर्वेद की पढ़ाई सुलभ होगी और डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी।

मत्स्य उत्पादन बढ़ा पर्यटन से जोड़ेंगे

प्रदेश में मत्स्य उत्पादन को 3.41 लाख टन से बढ़ाकर 4.45 लाख टन किया। साथ ही मत्स्य उत्पादन को पर्यटन जैसी गतिविधियों से भी जोड़ेंगे। मछुआ कल्याण राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने सोमवार यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, दो साल में मत्स्य क्षेत्र की तस्वीर बदली है। मछुआरों की आय, रोजगार और उत्पादन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है।

बताया कि प्रदेश में इंटीग्रेटेड एक्वापार्क, रिसर्च सेंटर, टनल एक्वेरियम, रिसर्च एवं इनक्यूबेशन यूनिट, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसे नवाचार किए जा रहे हैं। इससे न मत्स्य उत्पादन के साथ पर्यटन और रोजगार भी बढ़ेगा। मत्स्य महासंघ के मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और विपणन को बढ़ावा दे रहा है।