
भोपाल. खतरनाक बीमारी हेपेटाइटिस बी के खात्मे के लिए सरकार कटिबद्ध हो गई है. केंद्र सरकार ने इसके लिए नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम शुरू किया है जिसके अंतर्गत एनएचएम की ओर से इसके शिकार मरीजों को मुफ्त जांच और इलाज मुहैया कराया जाएगा. इस प्रोग्राम के तहत मप्र में हेपेटाइटिस वायरल लोड टेस्टिंग शुरू की गई थी.खास बात यह है कि टेस्टिंग में एमपी देश में अव्वल रहा है.
हेपेटाइटिस बी वायरस के कारण होने वाला लिवर का एक गंभीर संक्रमण है -हेपेटाइटिस बी और सी बेहद खतरनाक बीमारियां हैं. हेपेटाइटिस पांच प्रकार के होते हैं— ए, बी, सी, डी और ई. इनमें भी बी और सी सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं. हेपेटाइटिस बी वायरस के कारण होने वाला लिवर का एक गंभीर संक्रमण है जबकि हेपेटाइटिस सी लिवर की बीमारियों का प्रमुख कारण है. समय से इलाज नहीं कराने पर यह लिवर कैंसर का रूप ले लेता है. गर्भवतियों को विशेष तौर पर इससे सतर्क रहना होता है.
जांच एलाइजा टेस्ट के जरिए की जाती है - अधिकांश लोगों को यह जानकारी नहीं हो पाती है कि वे हेपेटाइटिस की चपेट में हैं. इसकी जांच एलाइजा टेस्ट के जरिए की जाती है जिसके लिए मरीज को 200 रुपए से लेकर 500 रुपये तक देना पड़ता था. अब ये जांच पूरी तरह फ्री होगी. बाजार में हेपेटाइटिस बी की जांच में करीब दो हजार व हेपेटाइटिस सी की जांच में तीन हजार लगते हैं वहीं हेपेटाइटिस के इलाज में 30—35 हजार रुपये तक लग जाते हैं. दरअसल हेपेटाइटिस का उपचार आजीवन चलता है, जिसमें हर माह करीब 700 रुपये खर्च होते हैं. अब पीएचयू में इसकी जांच और इलाज मुफ्त में होगा.
हेपेटाइटिस बी और सी के लक्षण
— शरीर में दर्द होना हेपेटाइटिस बी और सी का प्राथमिक लक्षण है
— पीलिया होना भी इसका प्रमुख लक्षण है
— पेट या लीवर में दर्द होना, पेट में पानी भर जाना
— खून की उल्टियां होना
— भूख न लगना, पेट में सूजन आ जाना
Published on:
24 Feb 2022 01:54 pm
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