
फोटो सोर्स: पत्रिका
MP News: एमपी के भोपाल शहर में अब थायराइड और मोटापे का इलाज होम्योपैथी से संभव होगा। आयुष मंत्रालय ने होम्योपैथिक कॉलेज के परिसर में हाइपोथायरायडिज्म और ओबेसिटी के लिए एक विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की है। यह प्रदेश में अपनी तरह की पहली यूनिट है, जो थायराइड की अनियमितताओं और उससे होने वाले मोटापे पर शोध और उपचार करेगी। यह यूनिट केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद द्वारा स्थापित की गई है, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों, सहायक चिकित्सकों और लैब विशेषज्ञों की एक टीम नियुक्त की गई है।
इस पहल का उद्देश्य थायराइड से उत्पन्न होने वाली समस्याओं का त्वरित उपचार करना है, ताकि मरीजों को रासायनिक दवाओं के दुष्प्रभावों और भविष्य में होने वाली गंभीर समस्याओं, जैसे हड्डियों और जोड़ों की परेशानियों, से बचाया जा सके। कॉलेज की नोडल अधिकारी डॉ. जूही गुप्ता ने बताया कि यह समस्या विशेष रूप से महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है। 50 साल के बाद वे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार हो सकती हैं। इन समस्याओं का इलाज कर उन्हें दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रदान किया जा सकता है।
यूनिट में मरीजों का उपचार होम्योपैथी दवाओं के साथ-साथ व्यायाम और आहार विशेषज्ञों की सलाह के साथ किया जाएगा। प्रधानाचार्य डॉ. एसके मिश्रा ने बताया कि होम्योपैथी प्राकृतिक सिद्धांतों पर काम करती है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर व्यक्ति को स्वस्थ और बेहतर जीवन देती है।
मरीज उपचार के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावा, मरीज फोन नंबर 0755 299 2972 पर भी जानकारी ले सकते हैं। इच्छुक मरीज अपना नंबर देकर विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं। भोपाल के अलावा, आयुष मंत्रालय ने देश के पांच अन्य शहरों में भी इसी तरह की इकाइयां स्थापित की हैं।
Published on:
03 Sept 2025 11:00 am
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