17 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हनीट्रैप केस में सबसे बड़ी खबर, बरखा के पति ने खोले कई बड़े राज

श्वेता विजय जैन बहुत शातिर थी, जिसने कई अधिकारियों नेताओं को अपने जाल में फंसाकर उन्हें ब्लैकमेल किया है। अमित सोनी ने दावा किया कि, वो औरत इतनी शातिर थी कि, उसके कामों पर से पर्दा इतनी आसानी से उठना संभव ही नहीं था। ज़रूर उसका झगड़ा किसी बड़े अधिकारी से हुआ हैं, जिसके कारण श्वेता विजय जैन का भांडा फूटा है।

2 min read
Google source verification
honeytrap case

हनीट्रैप केस में सबसे बड़ी खबर, बरखा के पति ने खोले कई बड़े राज

भोपाल/ मध्य प्रदेश के हाई प्रोफाइल हनीट्रैप केस में रोज़ाना नए और चौंकने वाले खुलासे हो रहे हैं। जैसे जैसे जांच आगे बढ़ रही है, पुलिस के सामने ऐसी ऐसी बातें सामने आ रही है, मानों को ड्रामा चल रहा हो।इस मामले में अब आरोपी बरखा भटनागर के पति अमित सोनी की एंट्री हुई है, जिन्होंने अपनी पत्नी को बेकसूर बताते हुए हनीट्रैप की मुख्य आरोपी श्वेता विजय जैन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने श्वेता विजय जैन को बहुत शातिर बताते हुए कहा कि, उसने कई अधिकारियों नेताओं को अपने जाल में फंसाया फिर उन्हें ब्लैकमेल किया है। अमित सोनी ने दावा किया कि, वो औरत इतनी शातिर थी कि, उसके कामों पर से पर्दा इतनी आसानी से उठना संभव ही नहीं था। ज़रूर उसका झगड़ा किसी बड़े अधिकारी से हुआ हैं, जिसके कारण श्वेता विजय जैन का भांडा फूटा है।

मेरी पत्नी बेगुनाह: अमित सोनी

अमित भटनागर ने बताया कि, जब वो जैल में अपनी पत्नी बरखा भटनागर से मिलने पहुंचे तो उसने उन्हें पूरी सच्चाई बताई है, साथ ही खुद को निर्दोष बताते हुए बात करने के दौरान बेतहाशा रोई। अमित सोनी के मुताबिक, बरखा ने पूछताछ के दौरान अधिकारियों को सभी जानकारियां दी। अमित सोनी से पूछा गया कि, क्या आपके कांग्रेस से कोई संपर्क हैं, जिसके कारण आपकी पत्नी को साइड किया जा रहा है, इसपर जवाब देते हुए अमित सोनी ने कहा कि, अगरसरकार अपनी होती तो आज ऐसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि, फिलहान उनके साथ कोई नहीं है, उन्हें सिर्फ न्यायापालिका पर भरोसा है, कि वो उनकी पत्नी के साथ इंसाफ करेगी।

पढ़ें ये खास खबर- हनीट्रेप कैस : जिसके नाम का मंगलसूत्र और सिंदूर लगाती है आरती, वो दयाल है किसी और का पति


इस तरह हुआ था मामला उजागर

बता दें कि, इस पूरे मामले से पर्दा उस समय उठा जब नगर निगम के एक अधिकारी की शिकायत पर इंदौर के पलासिया पुलिस थाने में ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया था। फरियादा द्वारा आरोप लगाए गए कि, एक महिला उससे दोस्ती करने के बाद उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रही है। महिला ने कुछ रिकॉर्डिंग भी कर रखी थी, जिसके आधार पर वो शिकायतकर्ता से तीन करोड़ रुपये मांग रही थी। अधिकारी ने पुलिस को बताया था कि, उसपर दबाव बनाकर धमकी दी जा रही है कि, अगर मांगी गई रकम नही दी गई तो वीडियो वायरल कर देगी। मामले पर संज्ञान लेते हुए एसएसपी ने बताया कि, पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच की, जिसमे शुरुआत में तीन करोड़ की रकम में से पहली किस्त के तौर पर 50 लाख रुपये लेने इंदौर आई एक युवती के साथ दो अन्य को एक महिला और एक पुरुष को हिरासत में लिया गया। इसके बाद कई ऐसे खुलासे हुए जिसमें सामने आया कि, महिला के साथ कई अन्य महिलाएं भी शामिल थी, जिन्होंने कई नेताओं, अफसरों, कारोबारियों और रसूखदारों को जाल में फंसाकर अपना शिकार बनाया है।