
भोपाल. मध्यप्रदेश के IAS अफसर नियाज खान एक बार फिर चर्चा में हैं। फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' पर बयान देकर वे सुर्खियों में तो आ गए पर सरकार की निगाह में खटक गए। सरकार ने उन्हें नोटिस भी दे दिया है। नियाज खान का विवादों से पुराना नाता है। हालांकि ये वही अफसर है जो देश का सबसे बड़ा ODF घोटाला सामने ले आया था। इतना ही नहीं, चर्चित और दबंग लोगों से पंगे लेना इनकी फितरत रही है और नियाज खान कभी दबावों में आते भी नहीं दिखे हैं।
IAS अफसर नियाज खान जब गुना में अपर जिला कलेक्टर यानि ADM थे तब उनके सामने थम्सअप मिसब्रांड मामला आया. इसपर नियाज खान ने तुरंत एक्शन लेते हुए इस मामले में सुपर स्टार अक्षय कुमार और सलमान खान के साथ साउथ के हीरो महेश बाबू को भी नोटिस जारी कर दिया था। इसके बाद सलमान खान को बाकायदा सफाई देनी पड़ी थी।
यह केस सन 2015 का है जब वे गुना जिले में पदस्थ थे। जिले के खाद्य एवं औषधि विभाग की तरफ से एक मामला एडीएम कोर्ट में भेजा गया तो बतौर एडीएम उन्होंने पूरा केस देखा। केस के अनुसार गुना के खाद्य एवं औषधि विभाग ने शीतल पेय थम्सअप के सेंपल लिए थे. भोपाल की सरकारी लैबोरेटरी में जांच में सामने आया कि थम्सअप ने बोतल पर फ्लेवर की जानकारी प्रिंट नहीं की है।
यह पेय पदार्थ मानकों का सरासर उल्लंघन था। खाद्य विभाग ने मामले में कंपनी के नॉमिनी राजकुमार तिनकर, एमपी के क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजर व अन्य अधिकारियों को आरोपी बनाया था। मामला सामने आने के बाद नियाज खान ने थम्सअप का प्रचार करने के आधार पर बॉलीवुड के सुपर स्टार अक्षय कुमार और सलमान खान तथा साउथ के महेश बाबू को भी नोटिस भेजा। इस मामले में सलमान खान की तरफ से तो कोर्ट में बाकायदा जवाब पेश किया गया था।
इतना ही नहीं, नियाज खान 2006-07 में जब होशंगाबाद में पदस्थ थे, तब उन्होंने पचमढ़ी में प्रख्यात लेखिका अरुंधति राय के पति और फिल्मकार प्रदीप किशन का अवैध कब्जा हटाया था। तब उन्होंने फिल्मकार विक्रम भट्ट की बहन के बंगले से भी अवैध कब्जा हटा दिया था। हालांकि अब वे मध्यप्रदेश सरकार की आंखों में खटक रहे हैं और राज्य सरकार ने अब उन्हें नोटिस दे दिया है।
Published on:
25 Mar 2022 12:50 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
