
,,,,
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो चुका है। भोपाल में 18 दिसंबर को इस सीजन में पहली बार रात का तापमान 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। सोमवार को यहां का तापमान 9.9 डिग्री सेल्शियस दर्ज किया गया। यानी बीते 24 घंटे में ही रात के तापमान में 2.9 डिग्री सेल्शियस की गिरावट दर्ज की गई। वहीं प्रदेश में सबसे न्यूनतम तापमान पचमढ़ी, उमरिया और रीवा में दर्ज किया गया। इन तीनों ही स्थानों का तापमान 6.4 डिग्री सेल्शियस तक पहुंच गया है। इसके अलावा दिन के तापमान में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। तापमान की इस गिरावट के बाद मौसम विभाग ने अगले 5 दिन प्रदेश में ठंड का अलर्ट (Cold Alert in MP) जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने मंगलवार, 19 दिसंबर से प्रदेश के कई जिलों में हल्का और मध्यम कोहरा छाए रहने के साथ ही कोल्ड अलर्ट जारी किया है। लेकिन क्या आप जानते हैं शीतलहर, कोल्ड अलर्ट या ठंड का अलर्ट क्या होता और कब जारी किया जाता है? इस दौरान स्वास्थ्य विभाग क्यों ने क्यों दी सर्दी से बचने की हिदायत...
ऐसे मेजर किया जाता है सबसे ठंडा दिन
आपने अक्सर ठंड के दिनों में लोगों को कहते सुना होगा कि आज बहुत ठंड है और मौसम विभाग कहता है आज का दिन सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। मौसम विभाग के अनुसार, एक ठंडा दिन तब माना जाता है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्शियस या उससे कम रहता है और अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाए। यानी न्यूनतम के साथ अधिकतम तापमान भी सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्शियस तक दर्ज किया गया हो। तो माना जाता है कि यह दिन सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। यह स्थिति अब एमपी में शुरू हो चुकी है। दरअसल एमपी में कई जिलों में तापमान 6 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है।
कब जारी किया जाता है ठंड का अलर्ट
आईएमडी के मुताबिक जब ठंडी हवाएं तेज चलने लगती हैं और उसकी वजह से तापमान में ना केवल तेजी से गिरावट शुरू हो जाती है और कोई भी चीज इसके असर से बहुत तेजी से ठंडी होने लगती है। तब इसे शीतलहर कहा जाता है। शीतलहर को हेल्थ के लिए बहुत खतरा पैदा करती हैं। शीतलहर का संबंध तापमान से जोड़ें तो हम देखते हैं कि न्यूनतम तापमान जब 4 डिग्री तक पहुंच जाता है, तब ठंड का अलर्ट या शीतलहर का अलर्ट जारी किया जाता है। इसके साथ ही शीतलहर का अलर्ट तब भी किया जाता है जब, न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम हो और सामान्य से 4.5 डिग्री कम हो। न्यूनतम तापमान के 2 डिग्री सेल्शियस रहने या सामान्य से 6.4 डिग्री सेल्शियस से अधिक रहने पर भीषण शीतलहर की घोषणा की जाती है।
सेहत के लिए खतरनाक, इसलिए किया जाता है अलर्ट
सेहत पर खतरा देख स्वास्थ्य विभाग भी जारी करता है अलर्ट ठंड में शीतलहर का दौर शुरू होने के अलर्ट के साथ ही स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो जाता है। दरअसल शीतलहर सेहत के लिए बड़ा खतरा साबित होती हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट जारी कर लोगों को ठंड से बचने की हिदायत देता है। सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि सर्दियों के मौसम में तापमान में तेजी से आने वाली गिरावट से सर्दी जुकाम, बुखार, निमोनिया, त्वचा रोग, फेफड़ों में संक्रमण, हाईपोथर्मिया, अस्थमा, एलर्जी के साथ ही हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक के मामले भी बढ़ जाते हैं। इनकी आशंका के चलते लोगों को हिदायत दी जाती है कि वे सर्दी से बचाव करें। गरम कपड़े पहनें। कई परत वाले कपड़े पहनें। बाहर निकल रहे हैं तो सिर और कानों के साथ ही पैरों को भी ठंड से बचाएं।
Published on:
19 Dec 2023 02:33 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
