21 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी के किसानों को खाना पड़ेगा जहर, डील होते ही 3 हजार रुपए गिरे कपास के दाम, जीतू पटवारी का बड़ा आरोप

Jitu Patwari- जीतू पटवारी ने अमेरिका ट्रेड डील को एमपी के किसानों के लिए हानिकारक बताया

2 min read
Google source verification
Jitu Patwari called the US trade deal harmful for farmers

Jitu Patwari called the US trade deal harmful for farmers

अमेरिका से ट्रेड डील पर कांग्रेस मुखर है। पार्टी ने इसकी खिलाफत करते हुए आंदोलन की रूपरेखा बनाई है। मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस संबंध में शनिवार को पत्रकार वार्ता आयोजित की। यहां उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका ट्रेड डील से देश के किसानों का अहित होगा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने एमपी का जिक्र करते हुए कहा कि यहां की तीनों फसलों पर इसका कुप्रभाव पड़ेगा। अमेरिका से सोयाबीन के उत्पाद आएंगे तो प्रदेश के किसानों को जहर पीना पड़ेगा। जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि अमेरिका से डील होते ही कपास के दाम 3 हजार रुपए गिर गए। उन्होंने इस मामले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी घेरा।

जीतू पटवारी ने कहा कि आज़ादी के बाद आज तक भारत में विदेशी ताकतें कृषि क्षेत्र पर कब्जा नहीं कर पाईं थीं, लेकिन
बीजेपी की केंद्र सरकार ने देश के किसानों की गर्दन अमेरिका की तलवार के नीचे रख दी है। उन्होंने देश के कृषि मंत्री
शिवराज सिंह चौहान को चुनौती देते हुए कहा कि यदि मध्यप्रदेश में एक भी फसल MSP पर बिक रही हो, तो बता दीजिए।

30 प्रतिशत तीनों फसलें चली गईं

पत्रकार वार्ता में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा-

सोयाबीन स्टेट का तमगा हमसे छिन चुका है.. मक्का के किसान सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश में हैं, इस डील में सबसे पहले मक्का की बात हुई कपास …इस साल थोड़ा ठीक था, 3 साल से किसान मर रहे थे… जैसे ही डील हुई— कपास 3 हजार रुपए गिर गया…30 प्रतिशत तीनों फसलें चली गईं … मैं चुनौती देता हूं प्रदेश में एक भी उपज एमएसपी भी बिक रही हो तो बता दो…

अमरीका वहां से सोयाबीन भेजेगा, उससे बने उत्पाद भेजेगा तो यहां ​के किसानों को जहर खाना पड़ेगा…अमरीका में किसान को सालाना 1 करोड़ 50 लाख की सब्सिडी मिलती है… हमारे यहां मात्र 6 हजार रुपए दिए जाते हैं…वहां 400 एकड़ का एक किसान हमारे यहां ढाई एकड़ का किसान… एमपी का किसान चुप नहीं बैठेगा…