
Jitu Patwari surrounded Bihar's convicted minister on Kiren Rijiju's statement
Jitu Patwari- केंद्र सरकार के 3 नए बिल पर देशभर में बवाल मचा हुआ है। गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अगस्त को लोकसभा और 21 अगस्त को राज्यसभा में ये बिल पेश किए थे। इनमें देश के प्रधानमंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्री व मंत्रियों को गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किए जाने पर पद से हटाने का प्रावधान है। विपक्ष इन बिल का जमकर विरोध कर रहा है जिसके बाद इन्हें संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को बिल का समर्थन करते हुए इसे राजनीति में नैतिकता और ईमानदारी की मिसाल प्रस्तुत करनेवाला बताया। इसपर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने उन्हें घेरा। उन्होंने बिहार के सजायाफ़्ता मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की। जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में फर्क है।
बिहार चुनाव में कांग्रेस की मजबूती के लिए राहुल गांधी वहां वोट अधिकार यात्रा निकाल रहे हैं। इसमें एमपी के पार्टी नेता भी शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी भी वोट अधिकार यात्रा में शिरकत करने बिहार पहुंचे थे। उन्होंने वहां प्रेस कान्फ्रेंस में बिहार सरकार, बीजेपी और नितीश कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने अब बिहार के एक सजायाफ़्ता मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने इस मुद्दे पर बीजेपी नेताओं, बिहार सरकार और केंद्र सरकार को घेरा।
बिहार सरकार में नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा को नकली दवा सप्लाई करने का दोषी पाया गया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "ये सब बहाने हैं। इससे पहले लोकायुक्त के तहत कई कानून बनाए गए, लेकिन लोग अब भी पूछ रहे हैं कि इसे अब तक क्यों नहीं लाया गया। बिहार के एक मंत्री को राजस्थान में सज़ा दी गई है वो आज भी बिहार के मंत्री हैं जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करने गए थे, जीवेश मिश्रा अभी भी मंत्री बना हुआ है। उसे पद से हटा देना चाहिए…करनी और कथनी में अंतर है.."
बता दें कि बिहार के नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा को राजस्थान की राजसमंद कोर्ट ने 15 साल पुराने एक मामले में दोषी करार दिया है। नकली दवा आपूर्ति के इस केस में कोर्ट ने 4 जून 2025 को फैसला सुनाया गया था, जबकि सजा पर सुनवाई 1 जुलाई को हुई। कोर्ट ने मंत्री जीवेश मिश्रा को दोषी पाया हालांकि उन्हें राहत देते हुए 7000 रुपए का जुर्माना लगाकर और सदाचार बनाए रखने की हिदायत देकर रिहा कर दिया।
Updated on:
24 Aug 2025 05:22 pm
Published on:
24 Aug 2025 05:21 pm
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